Gumla

भीखमपुर में महिला फुटबॉल प्रतियोगिता, बरवाडीह ने गोबिंदपुर को 2–0 से हराया

#भीखमपुर #महिलाखेल : पारिश मैदान में खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर
  • भीखमपुर पारिश मैदान में महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन।
  • गोबिंदपुर और बरवाडीह के बीच हुआ सद्भावना मैच
  • बरवाडीह ने 2–0 से दर्ज की शानदार जीत।
  • मुख्य अतिथि फादर ग्रेगोरी कुल्लू ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया।
  • आयोजन कैथोलिक सभा समिति, भीखमपुर की ओर से हुआ।

रविवार को गुमला जिले के जारी प्रखंड के भीखमपुर पारिश मैदान में खेल और उत्साह का माहौल छा गया, जब कैथोलिक सभा समिति, भीखमपुर की ओर से महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना और खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

सद्भावना मैच में बरवाडीह की जीत

प्रतियोगिता के अंतर्गत खेले गए सद्भावना मैच में गोबिंदपुर और बरवाडीह की टीमें आमने-सामने थीं। शुरुआती सीटी के साथ ही दोनों टीमों ने तेज और रणनीतिक खेल दिखाया, लेकिन बरवाडीह की टीम ने दबाव बनाए रखते हुए दो शानदार गोल दागे। पूरे मैच में गोबिंदपुर की टीम कई बार गोल करने के करीब पहुंची, लेकिन बरवाडीह की मजबूत रक्षा पंक्ति ने उन्हें रोके रखा। अंततः बरवाडीह ने 2–0 की स्पष्ट बढ़त के साथ जीत दर्ज की।

मुख्य अतिथि का संदेश

इस मौके पर मुख्य अतिथि फादर ग्रेगोरी कुल्लू ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, मेहनत और टीम भावना सिखाता है।

फादर ग्रेगोरी कुल्लू ने कहा: “खेल में मन लगाकर हिस्सा लें और अपनी प्रतिभा को निखारें, क्योंकि खेल आपको आत्मविश्वास और जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति देता है।”

ग्रामीण महिला खिलाड़ियों का उत्साह

मैदान पर मौजूद दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए तालियों और जयकारों की गूंज से माहौल को जोश से भर दिया। स्थानीय समुदाय ने इस आयोजन को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। कई ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से लड़कियों में खेल के प्रति रुझान और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण खेल प्रतिभा को मिला नया मंच

भीखमपुर में आयोजित महिला फुटबॉल प्रतियोगिता ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण इलाकों में भी खेल का जुनून किसी शहर से कम नहीं है। यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभा को सामने लाने का माध्यम है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी सशक्त उदाहरण है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

खेल और शिक्षा, दोनों में आगे बढ़ें

गांव की बेटियां खेल और शिक्षा दोनों में अपना परचम लहरा सकती हैं, बस जरूरत है अवसर और प्रोत्साहन की। ऐसे आयोजनों को समर्थन देकर हम सभी ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण में योगदान दे सकते हैं। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें।

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Shahjeb Ansari

जारी, गुमला

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