गढ़वा में अर्धनिर्मित भवन से इंडेन के 13 भरे एलपीजी सिलेंडर जब्त गैस कालाबाजारी के संदेह में परिसर सील

गढ़वा में अर्धनिर्मित भवन से इंडेन के 13 भरे एलपीजी सिलेंडर जब्त गैस कालाबाजारी के संदेह में परिसर सील

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #गैस_कालाबाजारी : अर्धनिर्मित भवन में अवैध रूप से रखे 13 भरे एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद होने से हड़कंप।

गढ़वा के सोनपुरवा भट्टी मोहल्ला में उपायुक्त को मिली गुप्त सूचना पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सदर एसडीएम संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने एक अर्धनिर्मित भवन में छापेमारी कर इंडेन कंपनी के 13 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर बरामद किए। गैस की संभावित कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने संदिग्ध भवन को सील कर दिया है।

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  • गढ़वा उपायुक्त अनन्य मित्तल को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सोनपुरवा भट्टी मोहल्ला में की गई छापेमारी।
  • सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के नेतृत्व में अर्धनिर्मित भवन से 13 भरे हुए एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद।
  • मौके से भारी मात्रा में गैस चूल्हों से संबंधित उपकरण और मरम्मत के सामान भी जब्त किए गए।
  • संदिग्ध आरोपी जयकृष्ण गैस सिलेंडरों को लेकर प्रशासन के समक्ष कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
  • इंडेन गैस एजेंसी के स्थानीय संचालक ने आरोपी को इतनी संख्या में सिलेंडर उपलब्ध कराने की पुष्टि नहीं की।
  • पुलिस उप निरीक्षक अविनाश कुमार और पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध भंडारण स्थल को सील किया गया।

झारखंड के गढ़वा जिले में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और संभावित कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गढ़वा के सोनपुरवा भट्टी मोहल्ला स्थित एक गली में बने अर्धनिर्मित मकान में अवैध रूप से छुपाकर रखे गए इंडेन कंपनी के 13 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए हैं। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) संजय कुमार के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल सिलेंडरों को जब्त किया है, बल्कि उस परिसर को भी पूरी तरह से सील कर दिया है जहां यह अवैध धंधा संचालित हो रहा था।

उपायुक्त की गुप्त सूचना पर सदर एसडीएम की त्वरित छापेमारी

गढ़वा जिला प्रशासन को पिछले कुछ समय से क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध रीफिलिंग और कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी कड़ी में गढ़वा के उपायुक्त अनन्य मित्तल को एक अत्यंत सटीक गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया था कि सोनपुरवा भट्टी मोहल्ला की एक तंग गली में स्थित अर्धनिर्मित भवन के भीतर भारी मात्रा में कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया गया है, जिन्हें ऊंचे दामों पर बाजार में बेचने की योजना है।

उपायुक्त से निर्देश मिलते ही सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) संजय कुमार ने बिना समय गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में गढ़वा थाने के पुलिस उप निरीक्षक अविनाश कुमार और पुलिस बल के जवानों को शामिल किया गया। प्रशासनिक टीम ने योजनाबद्ध तरीके से सोनपुरवा भट्टी मोहल्ला स्थित चिन्हित गली में दबिश दी। जब टीम उस अर्धनिर्मित मकान के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। भवन के भीतर एक-एक करके कुल 13 इंडेन गैस के भरे हुए सिलेंडर कतार में रखे मिले। इसके अलावा, वहां गैस चूल्हों की मरम्मत से जुड़े कई प्रकार के उपकरण, पाइप, और रेगुलेटर भी भारी मात्रा में बिखरे पाए गए।

आरोपी जयकृष्ण के दावों की खुली पोल और एजेंसी की सख्ती

छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद संबंधित व्यक्ति, जिसकी पहचान जयकृष्ण के रूप में हुई है, से जब अधिकारियों ने इतनी बड़ी संख्या में भरे हुए सिलेंडरों के भंडारण के संबंध में वैध कागजात और लाइसेंस की मांग की, तो वह कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह स्थानीय स्तर पर गैस मरम्मत की एक दुकान संचालित करता है।

कार्रवाई के दौरान आरोपी जयकृष्ण ने खुद को बचाने के लिए एक नया पैंतरा चला। उसने जांच टीम को बताया कि वह इंडेन गैस एजेंसी के लिए डिलीवरी बॉय (वितरक) का काम करता है और यह सिलेंडर उपभोक्ताओं को बांटने के लिए रखे गए थे। हालांकि, एसडीएम संजय कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मौके से ही इंडेन गैस एजेंसी के स्थानीय संचालक से मोबाइल फोन के माध्यम से दूरभाष पर संपर्क साधा। जब एजेंसी संचालक से जयकृष्ण के दावों के बारे में पूछताछ की गई, तो एजेंसी प्रबंधन ने इस बात से साफ इनकार कर दिया। एजेंसी की ओर से स्पष्ट किया गया कि उक्त व्यक्ति को इस प्रकार किसी अर्धनिर्मित भवन में सिलेंडर रखने या इतनी बड़ी खेप ले जाने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है और न ही इसकी कोई पुष्टि उनके रिकॉर्ड में है।

भवन सील और मकान मालिक पर अग्रेतर कार्रवाई की तैयारी

एजेंसी संचालक की ओर से पुष्टि नहीं होने और मामला पूरी तरह से संदिग्ध प्रतीत होने के बाद, प्रशासन ने इसे गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का स्पष्ट मामला माना। सुरक्षा के दृष्टिकोण से और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए एसडीएम के निर्देश पर उस अर्धनिर्मित भवन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। बरामद किए गए सभी 13 सिलेंडरों की सुरक्षा और उनके भौतिक सत्यापन के लिए संबंधित गैस एजेंसी को जिम्मेनामा सौंपा जा रहा है, ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

इस मामले में प्रशासन केवल मुख्य आरोपी जयकृष्ण तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। जिस अर्धनिर्मित भवन का उपयोग इस अवैध भंडारण के लिए किया जा रहा था, उसके मूल भवन स्वामी (मकान मालिक) को भी इस अपराध में संलिप्त माना जा रहा है। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि बिना किसी वैध व्यावसायिक पंजीकरण के अपने आवासीय या अर्धनिर्मित परिसर में विस्फोटक और संवेदनशील ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करने की अनुमति देना कानूनन अपराध है। इसलिए, उक्त भवन स्वामी के विरुद्ध भी सख्त अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान गढ़वा थाने के पुलिस उप निरीक्षक अविनाश कुमार सहित पुलिस बल के दर्जनों जवान मुस्तैद रहे ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

न्यूज़ देखो: घरेलू गैस की कालाबाजारी पर कड़ा प्रहार और सुरक्षा से खिलवाड़

गढ़वा जिला प्रशासन द्वारा की गई यह छापेमारी स्थानीय स्तर पर फल-फूल रहे गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी के सिंडिकेट का एक छोटा सा हिस्सा है। एक अर्धनिर्मित भवन में बिना किसी सुरक्षा मानकों के 13 भरे हुए एलपीजी सिलेंडरों को रखना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा था, जिसे समय रहते टाल दिया गया। उपायुक्त और एसडीएम की यह त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह घटना इस बात की ओर भी इशारा करती है कि गैस एजेंसियों के वितरण तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी कमियां हैं, जिसका फायदा उठाकर बिचौलिए सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी कर रहे हैं। प्रशासन को इस मामले की तह तक जाकर यह पता लगाना चाहिए कि आखिर इंडेन गैस के ये सिलेंडर सीधे ब्लैक मार्केट तक कैसे पहुंचे और इसमें एजेंसी के किन कर्मियों की मिलीभगत है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग नागरिक बनें अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाएं

हमारे आस-पास होने वाली छोटी से छोटी अवैध गतिविधि किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों या अर्धनिर्मित मकानों में इस प्रकार गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि पूरे मोहल्ले की जान-माल की सुरक्षा के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है। एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि हम अपने आस-पास होने वाले ऐसे संदिग्ध कार्यों को नजरअंदाज न करें। प्रशासन को समय पर सूचना देकर हम न केवल किसी संभावित हादसे को रोक सकते हैं, बल्कि भ्रष्टाचार और कालाबाजारी के खिलाफ इस लड़ाई को मजबूत बना सकते हैं। आइए, अपने शहर को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने में अपना योगदान दें।

क्या आपके मोहल्ले या क्षेत्र में भी इस तरह से गैस सिलेंडरों की अवैध रीफिलिंग या जमाखोरी की जाती है? इस गंभीर विषय पर और प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई पर आपकी क्या राय है, हमें नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। इस महत्वपूर्ण और सचेत करने वाली खबर को अपने दोस्तों, परिजनों और गढ़वा वासियों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि लोग जागरूक हो सकें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत सीधे अधिकारियों से कर सकें।

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गढ़वा

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