#चंदवा #मदर्स_डे : बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मां के त्याग और सम्मान को दर्शाया।
लातेहार जिले के चंदवा स्थित चंदवा क्रिएटिव अकैडमी में शनिवार को मदर्स डे उत्साह और भावनात्मक माहौल के बीच मनाया गया। बच्चों ने गीत, नृत्य और भाषण के माध्यम से अपनी माताओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में महिला शिक्षा, संस्कार और परिवार में मां की भूमिका को लेकर भी प्रेरणादायक संदेश दिए गए।
- चंदवा क्रिएटिव अकैडमी में उत्साहपूर्वक मनाया गया मदर्स डे।
- बच्चों ने गीत, नृत्य और भाषण से मां के त्याग को किया सम्मानित।
- डॉ. मनु गुप्ता ने महिला शिक्षा और बेटियों की पढ़ाई पर दिया जोर।
- शिक्षकों ने मां को समाज और परिवार की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
- कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, छात्र-छात्राएं और विद्यालय परिवार रहे मौजूद।
- भावुक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
लातेहार जिले के चंदवा स्थित मेन रोड में संचालित चंदवा क्रिएटिव अकैडमी में शनिवार को मदर्स डे बड़े ही उत्साह, उमंग और भावनात्मक वातावरण के बीच मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान पूरा विद्यालय परिसर तालियों और भावनाओं से गूंज उठा।
बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य और भाषणों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। नन्हे बच्चों ने मंच के माध्यम से मां के संघर्ष, त्याग और समर्पण को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने भी बच्चों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई, जहां बच्चों ने मां को समर्पित गीतों और कविताओं के जरिए सभी को भावुक कर दिया। कई बच्चों ने मंच से अपनी मां के प्रति अपने अनुभव साझा किए और बताया कि मां उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।
विद्यालय परिवार की ओर से कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया था कि हर प्रस्तुति में मातृत्व, संस्कार और परिवार के महत्व का संदेश साफ दिखाई दे रहा था। बच्चों ने पारंपरिक और आधुनिक प्रस्तुतियों के जरिए मां की भूमिका को जीवंत कर दिया।
महिला शिक्षा पर दिया गया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक डॉ. मनु गुप्ता ने महिला शिक्षा के महत्व पर विस्तार से अपनी बात रखी।
डॉ. मनु गुप्ता ने कहा: “एक शिक्षित मां पूरे परिवार और समाज को सही दिशा देने का कार्य करती है। जब एक महिला शिक्षित होती है, तब पूरा समाज आगे बढ़ता है।”
उन्होंने अभिभावकों से बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महिलाओं का शिक्षित होना बेहद आवश्यक है।
उपप्राचार्य अमृत कौर ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला शिक्षा को मजबूत समाज की आधारशिला बताया।
अमृत कौर ने कहा: “महिला शिक्षा सिर्फ परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास की कुंजी है।”
शिक्षकों ने मां की भूमिका को बताया अमूल्य
कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका खुशी कुमारी ने कहा कि समाज की पुरानी रूढ़िवादी सोच को बदलने के लिए महिलाओं का शिक्षित होना बेहद जरूरी है, क्योंकि बच्चे अपनी मां से ही सबसे अधिक सीखते हैं।
खुशी कुमारी ने कहा: “मां बच्चों की पहली गुरु होती है और उनके संस्कारों की सबसे बड़ी आधारशिला भी।”
वहीं शिक्षक रवि रंजन कुमार ने मां को त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि मां के बिना जीवन अधूरा है।
रवि रंजन कुमार ने कहा: “मां का स्थान इस दुनिया में सबसे ऊंचा है। उनके त्याग और प्रेम का कोई विकल्प नहीं हो सकता।”
विद्यालय परिवार ने दिया सर्वांगीण विकास का संदेश
कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका राखी दास, रितु कुमारी, प्रीति पाठक, वर्षा कुमारी, सनिका वर्मा, निखिल वर्मा एवं मुस्कान ने संयुक्त रूप से कहा कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और पारिवारिक मूल्यों का विकास भी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ विद्यालय समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, विद्यालय परिवार और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान भावनात्मक माहौल बना रहा और बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया।
न्यूज़ देखो: मातृत्व सम्मान और महिला शिक्षा का मजबूत संदेश
चंदवा क्रिएटिव अकैडमी का यह आयोजन सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला संदेश भी है। मां के सम्मान और महिला शिक्षा को केंद्र में रखकर आयोजित ऐसे कार्यक्रम बच्चों में संस्कार और संवेदनशीलता विकसित करते हैं। आज के दौर में जब पारिवारिक मूल्य तेजी से बदल रहे हैं, तब इस तरह की पहल समाज के लिए प्रेरणादायक साबित होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मां का सम्मान और बेटियों की शिक्षा समाज को मजबूत बनाती है
मां सिर्फ परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की पहली शिक्षक होती है।
बच्चों के संस्कार और भविष्य की नींव मां के स्नेह और शिक्षा से तैयार होती है।
महिला शिक्षा को बढ़ावा देना हर समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
ऐसे कार्यक्रम बच्चों में सम्मान, संवेदनशीलता और संस्कार विकसित करते हैं।
आइए मातृत्व के सम्मान और बेटियों की शिक्षा को मिलकर मजबूत बनाएं।
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