सीआरपीएफ जवान उपेंद्र राम को आज नम आंखों से दी जाएगी अंतिम विदाई, गांव में पसरा मातम

सीआरपीएफ जवान उपेंद्र राम को आज नम आंखों से दी जाएगी अंतिम विदाई, गांव में पसरा मातम

author Akram Ansari
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#बरवाडीह #सीआरपीएफ_जवान : ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले जवान का आज पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।

बरवाडीह प्रखंड के खुरा गांव निवासी सीआरपीएफ जवान उपेंद्र राम का गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर से तबादले के बाद छुट्टी पर घर लौटने के दौरान ट्रेन हादसे में उनकी मौत हो गई थी। बुधवार शाम सीआरपीएफ की टीम जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लेकर पहुंची, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जवान की मौत से पूरे गांव और क्षेत्र में शोक का माहौल है।

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  • खुरा गांव निवासी सीआरपीएफ जवान उपेंद्र राम का गुरुवार को अंतिम संस्कार होगा।
  • छुट्टी पर घर लौटने के दौरान कोलकाता-दिल्ली रेलखंड में ट्रेन से गिरकर हुई थी मौत।
  • बुधवार शाम हवाई मार्ग से रांची लाया गया जवान का पार्थिव शरीर।
  • सीआरपीएफ की टीम सड़क मार्ग से शव को पैतृक गांव लेकर पहुंची।
  • जवान अपने पीछे मां, पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।
  • अंतिम संस्कार के दौरान सीआरपीएफ जवानों द्वारा दी जाएगी अंतिम सलामी।

बरवाडीह प्रखंड के खुरा गांव में गुरुवार की सुबह बेहद भावुक और गमगीन माहौल के बीच सीआरपीएफ जवान उपेंद्र राम को अंतिम विदाई दी जाएगी। ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले जवान का पार्थिव शरीर बुधवार देर शाम उनके गांव पहुंचा, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं। जवान उपेंद्र राम अपने परिवार के एकमात्र सहारा माने जाते थे और उनकी असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।

छुट्टी पर घर लौटने के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, उपेंद्र राम सीआरपीएफ में तैनात थे और हाल ही में उनका तबादला जम्मू-कश्मीर से पश्चिम बंगाल किया गया था। पश्चिम बंगाल में योगदान देने के बाद वह छुट्टी लेकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कोलकाता-दिल्ली रेलखंड में ट्रेन से गिरने के कारण उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में मातम पसर गया। हादसे के बाद रेलवे और संबंधित एजेंसियों द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। पोस्टमार्टम के बाद सीआरपीएफ अधिकारियों ने जवान के पार्थिव शरीर को उनके गांव पहुंचाने की व्यवस्था की।

बुधवार शाम गांव पहुंचा पार्थिव शरीर

सीआरपीएफ की ओर से बुधवार शाम जवान का शव हवाई मार्ग से रांची लाया गया। इसके बाद रांची स्थित सीआरपीएफ मुख्यालय में औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। देर शाम सीआरपीएफ की टीम सड़क मार्ग से जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव खुरा लेकर पहुंची।

जैसे ही गांव में जवान का शव पहुंचा, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना देने लगे।

परिवार ने खोया अपना सबसे बड़ा सहारा

उपेंद्र राम अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। वह अपने पीछे वृद्ध मां, पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि उपेंद्र बेहद मिलनसार और जिम्मेदार स्वभाव के व्यक्ति थे तथा परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी।

उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और लोग परिवार की स्थिति देखकर भावुक हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने कहा: “उपेंद्र राम गांव के बेहद सरल और जिम्मेदार जवान थे। उनकी मौत से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है और यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती।”

जनप्रतिनिधियों ने जताई संवेदना

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर जवान के घर पहुंचे। उन्होंने जवान की पत्नी और मां से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत बनाए रखने की बात कही।

क्षेत्र के अन्य लोग और ग्रामीण भी लगातार जवान के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। गांव में हर ओर शोक और उदासी का माहौल बना हुआ है।

आज पूरे सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह पूरे विधि-विधान के साथ जवान उपेंद्र राम का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान सीआरपीएफ की टीम उन्हें अंतिम सलामी देगी। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के अंतिम यात्रा में शामिल होने की संभावना है।

जवान की अंतिम विदाई को लेकर गांव में तैयारियां की जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि देश सेवा में समर्पित जवान को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ विदाई दी जाएगी।

न्यूज़ देखो: देश सेवा करने वाले जवान की असमय मौत ने झकझोर दिया

सीआरपीएफ जवान उपेंद्र राम की मौत केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है। देश की सुरक्षा में लगे जवान जब इस तरह असमय दुनिया छोड़ देते हैं, तो उनके परिवार पर दुखों का ऐसा बोझ टूटता है जिसकी भरपाई संभव नहीं होती। यह घटना उन चुनौतियों और जोखिमों की भी याद दिलाती है, जिनका सामना सुरक्षा बलों के जवान हर दिन करते हैं। अब जरूरत है कि प्रशासन और समाज दोनों मिलकर शहीद परिवार जैसे हालात झेल रहे इस परिवार के साथ मजबूती से खड़े हों। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जवानों के सम्मान और परिवारों के साथ खड़े होने का समय

देश की सुरक्षा में लगे जवान केवल अपने परिवार नहीं, पूरे देश की जिम्मेदारी उठाते हैं।
ऐसे कठिन समय में समाज का दायित्व है कि पीड़ित परिवारों का मनोबल बढ़ाए।
एक जवान की कुर्बानी हमें देशभक्ति, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का संदेश देती है।
परिवार के दुख को कम तो नहीं किया जा सकता, लेकिन साथ खड़े होकर हौसला जरूर दिया जा सकता है।

जवान उपेंद्र राम को श्रद्धांजलि अर्पित करें और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करें।
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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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