#लातेहार #नीति_आयोग : आकांक्षी जिला और डीएमएफटी योजनाओं की समीक्षा में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
लातेहार समाहरणालय में बुधवार को उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में नीति आयोग और डीएमएफटी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने और नीति आयोग के मानकों को हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।
- उपायुक्त संदीप कुमार ने नीति आयोग और डीएमएफटी योजनाओं की समीक्षा की।
- स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और कौशल विकास योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा।
- अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य और समय सीमा में योजनाएं पूरी करने का निर्देश।
- डीएमएफटी फंड से संचालित योजनाओं की भौतिक और वित्तीय स्थिति की समीक्षा की गई।
- जिले की रैंकिंग सुधारने और विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
- बैठक में सैय्यद रियाज अहमद, प्रभात रंजन चौधरी, डॉ. राज मोहन खलखो समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
लातेहार जिले में विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में नीति आयोग अंतर्गत आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रमों के साथ-साथ डीएमएफटी मद से संचालित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट, योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध कार्यान्वयन पर गंभीर चर्चा हुई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि योजनाओं पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि-जल संसाधन और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और चुनौतियों की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा तय किए गए सभी मानकों को गंभीरता से लागू किया जाए, ताकि जिले की रैंकिंग में सुधार हो और आम लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन को जिले के समग्र विकास से जोड़ते हुए उपायुक्त ने निरंतर मॉनिटरिंग पर बल दिया।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
उपायुक्त संदीप कुमार ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं की शुरुआत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्य की गुणवत्ता भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। साथ ही नियमित निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति पर निगरानी बनाए रखें।
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “नीति आयोग द्वारा निर्धारित मानकों को हर हाल में पूरा करना सुनिश्चित करें, ताकि जिले की रैंकिंग और विकास दोनों में बेहतर परिणाम मिल सके।”
डीएमएफटी योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में डीएमएफटी फंड से संचालित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उपायुक्त ने कहा कि डीएमएफटी की राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन योजनाओं का कार्य धीमा है, उन्हें तेजी से पूरा किया जाए और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफटी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, डीआरडीए निदेशक प्रभात रंजन चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. राज मोहन खलखो, डीएमएफटी प्रभारी पदाधिकारी मेरी मड़की, जिला योजना पदाधिकारी समीर कुल्लू समेत विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम पर प्रशासन की नजर
नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत लातेहार को कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है। ऐसे में प्रशासन लगातार योजनाओं की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाने में जुटा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में मजबूत काम होने से जिले की स्थिति में सकारात्मक बदलाव संभव है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग से योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं।
न्यूज़ देखो: केवल समीक्षा नहीं, अब जमीन पर दिखना चाहिए असर
लातेहार में विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक यह संकेत देती है कि प्रशासन अब परिणाम आधारित कार्यशैली पर जोर दे रहा है। नीति आयोग और डीएमएफटी जैसी योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी, जब उनका लाभ सीधे ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। बैठकों में निर्देश देना महत्वपूर्ण है, लेकिन असली चुनौती योजनाओं को जमीन पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने की है। अब यह देखना अहम होगा कि अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का असर कितनी तेजी से विकास कार्यों में दिखाई देता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विकास की रफ्तार तभी बढ़ेगी जब जवाबदेही मजबूत होगी
सरकारी योजनाओं का असली उद्देश्य आम लोगों के जीवन में बदलाव लाना है।
गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाएं पहुंचना बेहद जरूरी है।
समय पर और गुणवत्तापूर्ण कार्य ही विकास की असली पहचान बनते हैं।
प्रशासन और जनता दोनों की भागीदारी से ही जिले का समग्र विकास संभव है।
अपने क्षेत्र की विकास योजनाओं पर नजर रखें और जागरूक नागरिक बनें।
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