सिसई में भाजपा का एकदिवसीय धरना, हेमंत सरकार पर आदिवासी विरोधी नीतियों का आरोप

सिसई में भाजपा का एकदिवसीय धरना, हेमंत सरकार पर आदिवासी विरोधी नीतियों का आरोप

author Udaychand Kumar
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#सिसई #धरना_प्रदर्शन : भाजपा नेताओं ने भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी के खिलाफ सरकार को घेरा।

गुमला जिले के सिसई प्रखंड मुख्यालय के समीप भारतीय जनता पार्टी द्वारा एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर आदिवासी विरोधी नीतियां अपनाने, भ्रष्टाचार बढ़ाने और चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने प्रखंड प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ब्लॉक में कथित दलाल तंत्र और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

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  • सिसई प्रखंड मुख्यालय के समीप भाजपा ने एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया।
  • भाजपा नेताओं ने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी विरोधी नीतियों का आरोप लगाया।
  • एसटी मोर्चा अध्यक्ष सोमेश्वर उरांव ने सरकार को वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार बताया।
  • प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन अंचलाधिकारी को सौंपा।
  • ब्लॉक में कथित दलाल तंत्र और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
  • बड़ी संख्या में सिसई और पुसो मंडल के भाजपा कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।

गुमला जिले के सिसई प्रखंड मुख्यालय के गेट के समीप गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों, भ्रष्टाचार और कथित वादाखिलाफी को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। धरना के दौरान नेताओं ने सरकार पर आदिवासियों, किसानों, युवाओं और महिलाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन अंचलाधिकारी को सौंपते हुए प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार समाप्त करने की मांग की।

सरकार पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पुसो मंडल के एसटी मोर्चा अध्यक्ष सोमेश्वर उरांव ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में आदिवासियों की स्थिति सबसे अधिक खराब हुई है और सरकार आदिवासी हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है।

एसटी मोर्चा अध्यक्ष सोमेश्वर उरांव ने कहा: “हेमंत सोरेन अपने आप को आदिवासी का मसीहा बताते हैं, लेकिन सबसे अधिक हत्या, बलात्कार और शोषण आदिवासियों का इसी सरकार में हुआ है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और महिलाओं के हितों की अनदेखी कर रही है। साथ ही कहा कि राज्य में विकास कार्य ठप हैं और आम लोग भ्रष्टाचार से परेशान हैं।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन का किया दावा

धरना के दौरान भाजपा नेताओं ने आगामी चुनावों को लेकर भी अपनी रणनीति और राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया। वक्ताओं ने कहा कि जनता अब सरकार की कार्यशैली को समझ चुकी है और आने वाले समय में राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा।

सोमेश्वर उरांव ने कहा: “आने वाला 2029 विधानसभा चुनाव राज्य की दिशा तय करेगा और जनता इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।”

उन्होंने दावा किया कि जिस प्रकार अन्य राज्यों में सत्ता परिवर्तन हुआ, उसी प्रकार झारखंड में भी जनता बदलाव लाने के लिए तैयार बैठी है।

ब्लॉक में भ्रष्टाचार और दलाल तंत्र पर उठाए सवाल

धरना प्रदर्शन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी का ध्यान आकर्षित करते हुए ब्लॉक स्तर पर भ्रष्टाचार और कथित दलाल तंत्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रखंड कार्यालय में दलाल सक्रिय हैं, जिससे आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो भाजपा आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन करेगी। साथ ही ब्लॉक कार्यालय का घेराव और तालाबंदी करने की भी बात कही गई।

भाजपा नेताओं ने कहा: “प्रखंड प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त और दलाल मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करे, अन्यथा जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।”

राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन

धरना समाप्त होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन अंचलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में राज्य सरकार की नीतियों, भ्रष्टाचार, आदिवासी उत्पीड़न और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की गई।

भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है और यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता

कार्यक्रम में सिसई और पुसो मंडल के भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करने का संकल्प भी दोहराया।

धरना कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, हालांकि नेताओं के भाषणों में सरकार के खिलाफ तीखे राजनीतिक आरोप देखने को मिले। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही।

न्यूज़ देखो: राजनीतिक धरनों के बीच जनता के मुद्दे बने सबसे बड़ा सवाल

सिसई में आयोजित भाजपा के इस धरना प्रदर्शन ने एक बार फिर झारखंड की राजनीति में आदिवासी हित, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विपक्ष लगातार सरकार पर वादाखिलाफी और योजनाओं के सही क्रियान्वयन में विफल रहने के आरोप लगा रहा है। वहीं जनता अब केवल आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार और समाधान की अपेक्षा कर रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन इन मांगों पर क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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Written by

सिसई, गुमला

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