देवी धाम मंदिर में बाल विवाह रोका गया, 17 वर्षीय नाबालिग को सीडब्ल्यूसी मेदिनीनगर भेजा गया

देवी धाम मंदिर में बाल विवाह रोका गया, 17 वर्षीय नाबालिग को सीडब्ल्यूसी मेदिनीनगर भेजा गया

author Yashwant Kumar
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#पलामू #बालसंरक्षण #हैदरनगर_कार्रवाई : देवी धाम मंदिर में हो रहे बाल विवाह को प्रशासन और संस्था ने समय रहते रोका।

पलामू के हैदरनगर प्रखंड स्थित देवी धाम मंदिर में एक बाल विवाह को प्रशासन और अग्रगति संस्था की तत्परता से रोक दिया गया। गुप्त सूचना पर पहुंची टीम ने जांच के दौरान लड़की को नाबालिग पाया। लड़की की उम्र 17 वर्ष पाई गई, जिसके बाद विवाह तत्काल रुकवाया गया। नाबालिग को सीडब्ल्यूसी मेदिनीनगर भेज दिया गया और परिजनों को चेतावनी दी गई।

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  • हैदरनगर प्रखंड के देवी धाम मंदिर में हो रहे बाल विवाह को रोका गया।
  • गुप्त सूचना पर अग्रगति संस्था और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
  • जांच में लड़की की उम्र 17 वर्ष (नाबालिग) पाई गई।
  • नाबालिग लड़की को सीडब्ल्यूसी मेदिनीनगर भेजा गया।
  • मौके पर सीओ, थाना प्रभारी, सीडीपीओ सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड स्थित देवी धाम मंदिर में उस समय बड़ा प्रशासनिक हस्तक्षेप देखने को मिला जब एक बाल विवाह की सूचना पर कार्रवाई करते हुए विवाह को रोक दिया गया। यह कार्रवाई अग्रगति संस्था और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिन्होंने गुप्त सूचना के आधार पर मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की।

जांच के दौरान टीम ने दोनों पक्षों से पूछताछ की और दस्तावेजों की जांच की। इसी दौरान सामने आया कि विवाह में शामिल लड़की नाबालिग है, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए विवाह को रुकवा दिया गया।

गुप्त सूचना पर पहुंची टीम की कार्रवाई

अग्रगति संस्था के प्रखंड समन्वयक चंदन मेहता, नीलम देवी और ममता देवी मौके पर पहुंचे और विवाह की प्रक्रिया को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया। टीम ने विवाह स्थल पर मौजूद परिजनों और संबंधित लोगों से पूछताछ की।

लड़के के पिता ने बताया कि उनका पुत्र 24 वर्ष का है, जबकि लड़की की पहचान गुप्त रखी गई है।

दस्तावेज जांच में हुआ खुलासा

टीम ने लड़की के आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्कूल परिचय पत्र की मांग की। उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच में आधार कार्ड के अनुसार लड़की की उम्र मात्र 17 वर्ष पाई गई।

इस पुष्टि के बाद टीम ने तत्काल विवाह प्रक्रिया को रोक दिया और परिजनों को बाल विवाह निषेध कानून के तहत चेतावनी दी।

बाल विवाह पर सख्त चेतावनी

अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को स्पष्ट रूप से बताया कि कम उम्र में विवाह कराना कानूनन अपराध है।

जांच टीम ने कहा: “बाल विवाह न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है।”

परिजनों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नाबालिग का रेस्क्यू और CWC भेजा गया

कार्रवाई के बाद नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू कर सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति), मेदिनीनगर भेज दिया गया, जहां उसकी देखभाल और आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

यह कदम बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मौके पर मौजूद अधिकारी और संस्थाएं

इस कार्रवाई के दौरान कई अधिकारी और सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • देवी धाम मंदिर अध्यक्ष
  • प्रखंड समन्वयक चंदन मेहता
  • नीलम देवी
  • ममता देवी
  • सीओ (अंचल अधिकारी)
  • थाना प्रभारी
  • जिला परिषद सदस्य
  • सीडीपीओ
  • पंडित जी ठाकुर

सभी ने मिलकर इस कार्रवाई को सफल बनाया और लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।

बाल विवाह रोकथाम पर जागरूकता

अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी दी और बताया कि इस तरह की घटनाओं की सूचना तुरंत टोल फ्री नंबर 1098 और 112 पर दी जा सकती है।

इससे समाज में जागरूकता फैलाने और ऐसे मामलों को रोकने में मदद मिलेगी।

न्यूज़ देखो: बाल अधिकारों की सुरक्षा में त्वरित कार्रवाई का उदाहरण

पलामू में रोका गया यह बाल विवाह दर्शाता है कि प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की सक्रियता से गंभीर सामाजिक कुरीतियों को रोका जा सकता है। नाबालिग की पहचान कर उसे सुरक्षित स्थान पर भेजना एक महत्वपूर्ण कदम है।

हालांकि, ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि निरंतर जागरूकता भी जरूरी है ताकि समाज में बाल विवाह जैसी प्रथा पूरी तरह समाप्त हो सके।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बाल सुरक्षा और जागरूक समाज की ओर कदम

यह घटना हमें याद दिलाती है कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। कानून के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता ही बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म कर सकती है।

आइए, हम सब मिलकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा करें और उन्हें सुरक्षित, शिक्षित भविष्य दें।

सजग रहें, बाल अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत सूचना दें। अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को साझा करें और समाज में जागरूकता फैलाने में योगदान दें।

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Written by

हुसैनाबाद, पलामू

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