लावालौंग में एकल अभियान के तहत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया गंगा दशहरा महोत्सव

लावालौंग में एकल अभियान के तहत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया गंगा दशहरा महोत्सव

author Binod Kumar
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#चतरा #गंगा_दशहरा : एकल विद्यालय की आचार्यों ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर मनाया पर्व।

चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड मुख्यालय स्थित सिरबांध तालाब परिसर में एकल अभियान के तहत गंगा दशहरा पर्व श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में एकल विद्यालय से जुड़ी आचार्यों एवं कार्यकर्ताओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की। गंगा दशहरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हिंदू संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का संदेश भी दिया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में आचार्य एवं अभियान से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

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  • लावालौंग प्रखंड के सिरबांध तालाब परिसर में मनाया गया गंगा दशहरा पर्व।
  • एकल अभियान से जुड़े आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ की पूजा-अर्चना।
  • कार्यक्रम में निर्मल विश्वकर्मा ने गंगा दशहरा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
  • पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
  • आयोजन में एकल विद्यालय के कई आचार्य एवं अभियान कार्यकर्ता शामिल हुए।
  • हिंदू संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को सहेजने का दिया गया संदेश।

चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड मुख्यालय स्थित सिरबांध तालाब परिसर में सोमवार को एकल अभियान के तत्वावधान में गंगा दशहरा पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में लावालौंग प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत संचालित एकल विद्यालयों की सभी आचार्यों एवं अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पूरे वातावरण में धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।

गंगा दशहरा के अवसर पर तालाब परिसर को धार्मिक वातावरण के अनुरूप सजाया गया था। कार्यक्रम के दौरान एकल अभियान के बैनर के साथ विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। पुरोहित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां गंगा की पूजा संपन्न कराई गई। श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से मां गंगा का स्मरण कर सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुई पूजा-अर्चना

कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठान से हुई। पुरोहित ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए पूजा संपन्न कराई। उपस्थित लोगों ने श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया और मां गंगा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने जल, फूल, प्रसाद और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था, इसलिए इस पर्व को विशेष पवित्र माना जाता है।

पूजा संपन्न होने के बाद गंगा में अर्पित प्रसाद को श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। इस दौरान लोगों में उत्साह और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला।

गंगा दशहरा के महत्व पर डाला प्रकाश

एकल अभियान के संच अध्यक्ष निर्मल विश्वकर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गंगा दशहरा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व हिंदू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है।

संच अध्यक्ष निर्मल विश्वकर्मा ने कहा: “गंगा दशहरा हिंदू समाज की आस्था और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं।”

उन्होंने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां गंगा की पूजा करने और पवित्र जल का स्मरण करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

एकल अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी

गंगा दशहरा कार्यक्रम में एकल अभियान से जुड़े कई आचार्य और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

इस अवसर पर संच प्रशिक्षक मनोज यादव, राजेंद्र भारती, आचार्य अनिल कुमार, विकास कुमार, नरेश कुमार, गोपाल कुमार, प्रियंका कुमारी, राधा देवी, रुक्मणी कुमारी, संगीता देवी, सुनीता देवी, पूनम देवी समेत बड़ी संख्या में आचार्य एवं अभियान से जुड़े लोग मौजूद रहे।

सभी ने मिलकर धार्मिक आयोजन को सफल बनाया और समाज में आध्यात्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

धार्मिक आयोजनों से मजबूत होती है सामाजिक एकता

गंगा दशहरा जैसे पर्व केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का भी प्रतीक माने जाते हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे का भाव बढ़ता है।

एकल अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। इससे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

क्षेत्र में दिखा धार्मिक उत्साह

गंगा दशहरा को लेकर लावालौंग क्षेत्र में श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला। लोग सुबह से ही पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने पहुंचे। तालाब परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

श्रद्धालुओं ने मां गंगा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कई लोगों ने इस अवसर को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ते हुए धार्मिक परंपराओं को सहेजने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संस्कृति संरक्षण का दिया गया संदेश

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि आधुनिक समय में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बचाए रखना बेहद जरूरी है। गंगा दशहरा जैसे पर्व समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

एकल अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की जानकारी देना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में धार्मिक चेतना एवं सांस्कृतिक समझ विकसित होती है।

न्यूज़ देखो: धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम

लावालौंग में आयोजित गंगा दशहरा कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक एकता का भी उदाहरण है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन समाज को अपनी परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। एकल अभियान जैसे संगठन शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से लगातार जोड़ा जाए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व समाज को जोड़ने, सकारात्मक सोच विकसित करने और परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बनते हैं। ऐसे आयोजनों में भागीदारी केवल आस्था नहीं बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का प्रयास भी है।

नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना और भारतीय परंपराओं की जानकारी देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। समाज तभी मजबूत बनेगा जब संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक एकता साथ-साथ आगे बढ़ेगी।

आप भी अपने क्षेत्र में होने वाले सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और सकारात्मक पहल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।

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Written by

लावालोंग, चतरा

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