#जलडेगा #सौरऊर्जापहल : बिजली विहीन गांवों में सोलर लाइट और विकास कार्यों की उम्मीद जगी।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड के दूरस्थ और बिजली से वंचित गांवों में अब सौर ऊर्जा के जरिए रोशनी पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। एसबीआई फाउंडेशन और लीड्स संस्था द्वारा 10 चयनित गांवों में सोलर आधारित विकास कार्य किए जाएंगे। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
- एसबीआई फाउंडेशन और लीड्स संस्था ने शुरू की सौर ऊर्जा परियोजना।
- जलडेगा प्रखंड के 10 बिजली विहीन गांवों में होंगे विकास कार्य।
- गांवों में लगेंगी सोलर स्ट्रीट लाइट और सोलर आधारित अधिष्ठान।
- स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा।
- बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार ने पहल की सराहना की।
- ग्रामीणों ने कहा, पहली बार गांव तक रोशनी पहुंचने की उम्मीद जगी।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड के दूरस्थ और अब तक बिजली से वंचित गांवों के लिए राहत और उम्मीद भरी खबर सामने आई है। लीड्स संस्था द्वारा एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से प्रखंड के 10 चयनित गांवों में सौर ऊर्जा आधारित विकास कार्य शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। इस पहल से उन गांवों तक रोशनी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जहां आज तक बिजली की सुविधा नहीं पहुंच सकी है।
ग्रामीणों ने इस योजना को अपने जीवन में बदलाव लाने वाली पहल बताया है। लंबे समय से बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित लोग अब सौर ऊर्जा के जरिए विकास की नई किरण देखने लगे हैं।
बीडीओ से मिलकर दी परियोजना की जानकारी
इस संबंध में एसबीआई फाउंडेशन के प्रतिनिधि सत्यम ओझा ने जलडेगा प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित परियोजना और उसके विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लीड्स संस्था के माध्यम से बिजली विहीन गांवों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जाएंगे, जिनका सीधा लाभ ग्रामीणों को मिलेगा।
गांवों में लगेंगी सोलर स्ट्रीट लाइट
परियोजना के तहत गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा चेक डैम, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सोलर आधारित अधिष्ठान स्थापित किए जाएंगे।
सत्यम ओझा ने कहा: “इस पहल का उद्देश्य दूरस्थ गांवों तक ऊर्जा और विकास की बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।”
उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि गांवों में स्थायी और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा व्यवस्था विकसित की जाए।
प्रशासन ने दिया सहयोग का भरोसा
जलडेगा बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रखंड प्रशासन इस प्रकार के विकासात्मक कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगा।
डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा: “लीड्स संस्था द्वारा प्रखंड में किए जा रहे कार्यों का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है और जिन क्षेत्रों में संस्था कार्य कर रही है, वहां बदलाव महसूस किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती हैं।
टीम ने गांवों का किया दौरा
बैठक के बाद एसबीआई फाउंडेशन और लीड्स संस्था की टीम ने कारीमाटी के बन टोली और बरबेड़ा गांव का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मूलभूत जरूरतों का अध्ययन किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि आज तक उनके गांवों में बिजली की सुविधा नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में सोलर परियोजना उनके लिए बड़ी राहत बन सकती है।
“पहली बार गांव में रोशनी की उम्मीद”
ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि यदि इस परियोजना के माध्यम से गांव तक बिजली पहुंचती है, तो यह वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जैसा होगा।
ग्रामीणों ने कहा: “हमने आज तक गांव में बिजली की सुविधा नहीं देखी। अगर सौर ऊर्जा से गांव रोशन होता है तो यह हमारे लिए बड़ी खुशी की बात होगी।”
लोगों ने उम्मीद जताई कि इस पहल से बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सुरक्षा और ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।
कई अधिकारी और कर्मी रहे मौजूद
इस दौरान सोलर परियोजना के एमआईएस ऑफिसर मनीष कुमार सिंह, परियोजना समन्वयक आलोक कुमार, उमेश कुमार, आलोक वर्मा, ललिता कंडुलना, कलिंदर प्रधान, जूही कुमारी, शिवानी कुमारी, रीना तिर्की, असीम होरो, राम लखन सिंह और मुकेश नाग सहित कई लोग उपस्थित रहे।
सभी ने गांवों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
न्यूज़ देखो: सौर ऊर्जा से बदल सकती है ग्रामीण विकास की तस्वीर
जलडेगा के बिजली विहीन गांवों में सौर ऊर्जा आधारित यह पहल ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं की कमी लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। यदि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ, तो यह मॉडल अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
गांवों तक रोशनी पहुंचेगी तो बदलेगा भविष्य
बिजली केवल रोशनी नहीं बल्कि शिक्षा, रोजगार और बेहतर जीवन का आधार भी है। दूरस्थ गांवों तक विकास पहुंचाने के लिए समाज, प्रशासन और संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा।
ग्रामीण विकास और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के ऐसे प्रयासों को समर्थन दें। खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और गांवों तक विकास की रोशनी पहुंचाने की मुहिम को मजबूत बनाएं।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).