#गढ़वा #सब्जीविक्रेतासमस्या : सुविधा बिना टैक्स वसूली का विरोध—स्थायी बाजार और राहत की मांग।
गढ़वा में किसान संघर्ष मोर्चा ने सब्जी विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर नगर परिषद को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिना सुविधा टैक्स वसूली और स्थायी बाजार के अभाव का मुद्दा उठाया गया। नगर परिषद अध्यक्ष और अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा गया। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
- किसान संघर्ष मोर्चा ने नगर परिषद को ज्ञापन सौंपा।
- अशीष सोनी, अनीता कुमार, सुशील कुमार को दिया गया पत्र।
- सब्जी विक्रेताओं से बिना सुविधा टैक्स वसूली का आरोप।
- स्थायी बाजार और बुनियादी सुविधाओं की मांग।
- मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी।
गढ़वा जिले में सब्जी विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर किसान संघर्ष मोर्चा ने नगर परिषद प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई है। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने नगर परिषद अध्यक्ष अशीष सोनी उर्फ दौलत सोनी, उपाध्यक्ष अनीता कुमार तथा कार्यपालक अभियंता सुशील कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए सब्जी विक्रेताओं को हो रही परेशानियों से अवगत कराया।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्षों से गरीब सब्जी विक्रेताओं से नगर परिषद द्वारा प्रतिदिन टैक्स वसूला जा रहा है, जबकि बदले में उन्हें कोई मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
टैक्स वसूली पर सवाल
मोर्चा ने आरोप लगाया कि सब्जी विक्रेताओं से प्रति व्यक्ति टैक्स लिया जाता है, लेकिन उन्हें शेड, पानी, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं नहीं मिलती हैं।
प्रतिनिधियों ने कहा: “जब सुविधा ही नहीं है तो टैक्स वसूली पूरी तरह अनुचित है।”
चौधराना बाजार का मुद्दा
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि करीब 20 वर्ष पहले चौधराना बाजार सब्जी विक्रेताओं के लिए निर्धारित था, लेकिन बाद में उसे व्यवसायिक उपयोग में बदल दिया गया।
इसके बाद विक्रेताओं को दानरो नदी क्षेत्र में भेज दिया गया, जहां उन्हें बार-बार हटाया जाता रहा।
सिंगल टोकरी टैक्स छूट का लाभ नहीं
नगर परिषद द्वारा सिंगल टोकरी विक्रेताओं को टैक्स मुक्त करने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो सकी।
मोर्चा ने कहा: “लगभग 95 प्रतिशत विक्रेताओं को आज भी टैक्स देना पड़ रहा है।”
प्रमुख मांगें
किसान संघर्ष मोर्चा ने नगर परिषद के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं—
- जब तक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध न हों, तब तक टैक्स वसूली बंद की जाए
- शहर में 4-5 स्थानों पर स्थायी सब्जी बाजार की व्यवस्था हो
- चौधराना बाजार को पुनः सब्जी विक्रेताओं को दिया जाए
- सुविधायुक्त बाजार बनाकर न्यूनतम शुल्क लिया जाए
आंदोलन की चेतावनी
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो सभी किसान परिवार उग्र आंदोलन करेंगे और नगर परिषद का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।
एक प्रतिनिधि ने कहा: “अब हमारी सहनशीलता खत्म हो चुकी है।”
प्रशासन को भी भेजी गई जानकारी
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को भी भेजी गई है, ताकि मामले में शीघ्र कार्रवाई हो सके।
स्थानीय प्रतिनिधियों की भागीदारी
इस आंदोलन में कमलेश कुमार, रितेश कुमार कुशवाहा, जितेंद्र कुमाल, राजेंद्र प्रसाद महतो, मुकेश कुमार कुशवाहा सहित कई लोग शामिल रहे।
बढ़ता असंतोष
इस मुद्दे को लेकर सब्जी विक्रेताओं और किसान परिवारों में आक्रोश है और वे जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: व्यवस्था बनाम वसूली का सवाल
गढ़वा का यह मामला साफ दिखाता है कि यदि सुविधाएं नहीं दी जातीं, तो टैक्स वसूली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। प्रशासन को अब यह तय करना होगा कि पहले व्यवस्था सुधारी जाए या विरोध झेला जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हक के लिए आवाज उठाएं
हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं मिलना जरूरी है।
जरूरी है कि हम अपने अधिकारों के लिए खड़े हों।
जागरूकता और एकजुटता से ही बदलाव संभव है।
आइए, हम सही व्यवस्था की मांग करें।
इस मुद्दे को आगे बढ़ाएं, खबर को शेयर करें और अपनी राय जरूर दें।

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