मगध कोयला ढुलाई मामले में बड़ा खुलासा, वन भूमि पर अवैध सड़क निर्माण को लेकर वेरियंट कंपनी और लाइजनर पर कार्रवाई की तैयारी

मगध कोयला ढुलाई मामले में बड़ा खुलासा, वन भूमि पर अवैध सड़क निर्माण को लेकर वेरियंट कंपनी और लाइजनर पर कार्रवाई की तैयारी

author Binod Kumar
75 Views Download E-Paper (5)
#चतरा #अवैधकोयलाढुलाई : वन भूमि पर अवैध सड़क निर्माण मामले में जांच तेज हुई।

चतरा जिले के टंडवा प्रखंड में मगध क्षेत्र से कोयला ढुलाई के लिए वन भूमि पर अवैध सड़क निर्माण का मामला सामने आया है। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण, पेड़ों की कटाई और अवैध परिवहन मार्ग बनाए जाने की पुष्टि हुई है। मामले में वेरियंट कंपनी और उसके लाइजनर पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। ग्रामीणों ने लाइजनर पर कंपनी से लाखों रुपये वसूली और रैयतों का भुगतान हड़पने का आरोप लगाया है।

Join WhatsApp
  • टंडवा प्रखंड के सराढू और राहम पंचायत क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध सड़क निर्माण का मामला उजागर।
  • मगध क्षेत्र से कोयला ढुलाई के लिए कथित रूप से वन भूमि का उपयोग किया गया।
  • वन विभाग की प्रारंभिक जांच में पेड़ कटाई और अतिक्रमण की पुष्टि होने का दावा।
  • ग्रामीणों ने कंपनी के लाइजनर उपाध्याय पर लाखों रुपये वसूली का आरोप लगाया।
  • रैयतों का किराया भुगतान हड़पने और विभाग मैनेजिंग के नाम पर रकम लेने का आरोप।
  • वन विभाग द्वारा कंपनी, ठेकेदारों और संबंधित लोगों पर मामला दर्ज करने की तैयारी।

चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत सराढू और राहम पंचायत क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध तरीके से सड़क निर्माण कर मगध क्षेत्र से कोयला ढुलाई करने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में कथित रूप से बड़े पैमाने पर वन भूमि का अतिक्रमण, पेड़-पौधों की कटाई और अवैध ट्रांसपोर्टिंग सड़क निर्माण के तथ्य सामने आने के बाद अब वेरियंट कंपनी और उसके लाइजनर पर कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है।

मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी से जुड़े एक लाइजनर ने लंबे समय से ग्रामीणों में भय का माहौल बनाकर वन भूमि के रास्ते कोयला ढुलाई का काम कराया। अब वन विभाग द्वारा जांच तेज किए जाने के बाद पूरे मामले में कई चौंकाने वाले आरोप सामने आ रहे हैं।

वन भूमि पर अवैध सड़क निर्माण का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, मगध क्षेत्र से कोयला परिवहन के लिए वन क्षेत्र में बिना अनुमति सड़क तैयार की गई थी। इस सड़क के निर्माण के दौरान वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया गया। आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई की गई और वन भूमि का अवैध उपयोग किया गया।

वन विभाग की प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर कई स्थानों पर अतिक्रमण और सड़क निर्माण के साक्ष्य मिले हैं। विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर दस्तावेज और अन्य तकनीकी प्रमाण जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कंपनी के लाइजनर पर गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने कंपनी के लिए मैनेजिंग का काम करने वाले उपाध्याय नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह लंबे समय से कंपनी और स्थानीय लोगों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था और इसी दौरान उसने ग्रामीणों में भय और दबाव का माहौल तैयार कर रखा था।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उपाध्याय कंपनी से ग्रामीणों और विभागीय मैनेजिंग के नाम पर हर महीने लाखों रुपये वसूलता था। ग्रामीणों ने दावा किया कि इसी अवैध कमाई के दम पर उसने रांची में आलीशान बंगला भी बनाया है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि मामले के उजागर होने के बाद से संबंधित व्यक्ति फरार बताया जा रहा है और अब तक क्षेत्र में दिखाई नहीं दिया है।

रैयतों का पैसा हड़पने का भी आरोप

मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। ग्रामीणों ने कहा कि कोयला ढुलाई के लिए जिन रैयती जमीनों का उपयोग किया गया, उनके बदले कंपनी से किराये के नाम पर मोटी रकम ली गई थी। आरोप है कि यह राशि रैयतों तक पहुंचाने के बजाय उपाध्याय नामक व्यक्ति ने खुद रख ली।

ग्रामीणों के मुताबिक पिछले पांच महीनों से लगातार कंपनी से रेंट के नाम पर पैसे लिए गए, लेकिन जमीन मालिकों को उसका भुगतान नहीं किया गया। इसको लेकर अब ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

वन विभाग जुटा साक्ष्य संग्रह में

वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। विभागीय अधिकारियों ने अवैध सड़क निर्माण और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने से जुड़े प्रमाण जुटाने शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि विभाग अब वेरियंट कंपनी, संबंधित ठेकेदारों और लाइजनर के खिलाफ वन अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी में है।

वन विभाग की हालिया कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कोयला ढुलाई को लेकर कई और सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से वन भूमि का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन इस पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

क्षेत्र के ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि वन भूमि और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने वन विभाग से यह भी मांग की है कि मामले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही फरार बताए जा रहे लाइजनर उपाध्याय को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग भी ग्रामीणों ने उठाई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में वन संपदा और पर्यावरण को भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने वन भूमि की सुरक्षा और अवैध कोयला ढुलाई पर स्थायी रोक लगाने की भी मांग की।

क्षेत्र में चर्चा और बढ़ी प्रशासनिक हलचल

मामला सामने आने के बाद टंडवा और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। वन विभाग के साथ अन्य संबंधित विभाग भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों के बीच लगातार चर्चा हो रही है।

लोगों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से हुई तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही अवैध कोयला परिवहन और वन भूमि अतिक्रमण से जुड़े अन्य नेटवर्क भी सामने आ सकते हैं।

न्यूज़ देखो: वन संपदा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

चतरा के टंडवा क्षेत्र से सामने आया यह मामला वन भूमि संरक्षण और प्रशासनिक निगरानी दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि वन भूमि पर अवैध सड़क निर्माण और कोयला ढुलाई लंबे समय से चल रही थी, तो इसकी समय पर जानकारी और रोकथाम क्यों नहीं हो सकी, यह बड़ा प्रश्न है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आर्थिक अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोप भी मामले को और गंभीर बनाते हैं। अब जरूरत इस बात की है कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो और दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जंगल और जमीन की सुरक्षा केवल प्रशासन नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी

प्राकृतिक संसाधन किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं बल्कि पूरे समाज की धरोहर होते हैं। जंगल, नदी और जमीन की रक्षा आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।

यदि कहीं अवैध कटाई, अतिक्रमण या संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा हो तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचाना हर जागरूक नागरिक का दायित्व है। समाज और प्रशासन मिलकर ही पर्यावरण और स्थानीय अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं।

आपके क्षेत्र में भी यदि प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी कोई समस्या है तो अपनी आवाज उठाइए। खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और जनहित के मुद्दों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

लावालोंग, चतरा

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: