#पलामू #नावाबाजार #जलजीवनमिशन : कुम्भीकला पंचायत में अधूरे जलमीनार निर्माण पर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी।
पलामू जिले के नावाबाजार प्रखंड अंतर्गत कुम्भीकला पंचायत में प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन योजना के तहत बनाए जा रहे जलमीनार कार्य में भारी अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की योजना के बावजूद अधिकांश कार्य अधूरा पड़ा है। पंचायत में पानी आपूर्ति व्यवस्था ठप होने से लोगों को गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ रही है। मामले में संवेदक और विभागीय मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं।
- कुम्भीकला पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत 40 जलमीनार लगाने का लक्ष्य बताया गया।
- ग्रामीणों के अनुसार अब तक केवल 6 जलमीनार लगाए गए हैं, वह भी जर्जर हालत में हैं।
- योजना की अनुमानित लागत करीब 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
- आरोप है कि अब तक करीब 2.50 करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है।
- ग्रामीणों ने बीडी इंडस्ट्रीज, संवेदक अशोक कुमार और बिपीन तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए।
- पंचायत के लोगों ने योजना की निष्पक्ष जांच और जल्द जलापूर्ति शुरू करने की मांग की।
पलामू जिले के नावाबाजार प्रखंड स्थित कुम्भीकला पंचायत में प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन योजना को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत पंचायत के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीन पर कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पंचायत में कुल 40 जलमीनार लगाए जाने थे, लेकिन अब तक केवल 6 जलमीनार ही स्थापित किए गए हैं। इनमें से अधिकांश जलमीनार जर्जर अवस्था में हैं और किसी भी घर तक पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है।
6 करोड़ की योजना में गड़बड़ी का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना की कुल लागत लगभग 6 करोड़ रुपये है। आरोप लगाया गया है कि अब तक करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये की निकासी भी कर ली गई है, जबकि कार्य बेहद सीमित स्तर पर हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना के संवेदक बीडी इंडस्ट्रीज से जुड़े अशोक कुमार और बिपीन तिवारी ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कार्य अधूरा छोड़ रखा है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर निगरानी होती तो पंचायत की यह स्थिति नहीं बनती।
पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण
भीषण गर्मी के बीच कुम्भीकला पंचायत के ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में लोग अपने स्तर पर जलपान और पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक पानी पहुंचाना था, लेकिन यहां हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। अधूरी पाइपलाइन और बंद पड़े जलमीनारों के कारण लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है।
विभाग और संवेदक पर मिलीभगत का आरोप
विश्वस्त सूत्रों के हवाले से ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग और संवेदक के बीच मिलीभगत के कारण योजना की अनदेखी की जा रही है। पंचायत की जनता का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक किसी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का लाभ जनता तक पहुंचाने के बजाय केवल कागजों पर काम दिखाकर राशि निकाली जा रही है। इससे सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
पंचायत में बढ़ता आक्रोश
लगातार पानी संकट और अधूरे कार्य को लेकर पंचायत के लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई और अधूरे कार्य पूरे नहीं किए गए तो पंचायत स्तर पर आंदोलन भी किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने कहा: “सरकार की योजना का लाभ हमें नहीं मिल रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।”
जल जीवन मिशन की विश्वसनीयता पर असर
प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाने की महत्वपूर्ण योजना मानी जाती है। लेकिन यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निगरानी नहीं होगी तो इसका असर सीधे ग्रामीण जनता पर पड़ेगा।
कुम्भीकला पंचायत का मामला यह सवाल खड़ा करता है कि क्या योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और सामाजिक ऑडिट पर्याप्त रूप से हो पा रहा है या नहीं।
न्यूज़ देखो: योजनाओं की सफलता केवल घोषणाओं से नहीं, धरातल पर काम से तय होती है
कुम्भीकला पंचायत का मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर करता है। जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य लोगों को राहत देना है, लेकिन अधूरे कार्य और भ्रष्टाचार के आरोप जनता का भरोसा कमजोर करते हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी हर घर तक पहुंचे, इसके लिए जागरूक समाज और जिम्मेदार व्यवस्था जरूरी
जल केवल सुविधा नहीं बल्कि जीवन की बुनियादी आवश्यकता है।
जब योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचता, तब समाज को जागरूक होकर सवाल पूछने की जरूरत होती है।
आइए, अपने अधिकारों के प्रति सजग बनें और विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग करें।
अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और जनहित के मुद्दों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।

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