#गढ़वा #होटलछापेमारी : एसडीओ की कार्रवाई के बाद नाबालिगों के बयान से कई गंभीर तथ्य उजागर।
गढ़वा जिले में 6 अप्रैल को एसडीओ संजय कुमार के नेतृत्व में चार होटलों पर की गई छापेमारी में 14 जोड़ों को पकड़ा गया था, जिनमें तीन नाबालिग लड़कियां और एक नाबालिग लड़का शामिल था। हाल ही में सीडब्ल्यूसी के समक्ष दर्ज बयानों में नाबालिगों ने सोशल मीडिया, प्रेम संबंध और अन्य परिस्थितियों से जुड़ी बातें सामने रखीं। इस मामले में सभी आरोपियों की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई है। पुलिस ने मामले में पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई तेज कर दी है।
- गढ़वा में 6 अप्रैल को चार होटलों पर एसडीओ संजय कुमार की छापेमारी हुई थी।
- छापेमारी में 14 जोड़ों के साथ 3 नाबालिग लड़कियां व 1 नाबालिग लड़का पकड़े गए थे।
- सीडब्ल्यूसी में दर्ज बयानों में सोशल मीडिया और प्रेम संबंधों की बातें सामने आईं।
- एक मामले में इंस्टाग्राम से दोस्ती और होटल में मिलने का खुलासा हुआ।
- पुलिस ने पॉक्सो व एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जमानत याचिकाएं खारिज कीं।
गढ़वा जिले में 6 अप्रैल को एसडीओ संजय कुमार के नेतृत्व में चार होटलों पर की गई छापेमारी के बाद बड़ा मामला सामने आया है। इस कार्रवाई में कुल 14 जोड़ों को पकड़ा गया था, जिनमें तीन नाबालिग लड़कियां और एक नाबालिग लड़का भी शामिल था। पुलिस ने सभी मामलों की जांच शुरू की थी और हाल ही में सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) के समक्ष नाबालिगों के बयान दर्ज किए गए हैं।
सीडब्ल्यूसी में दर्ज हुए नाबालिगों के बयान
सीडब्ल्यूसी के समक्ष दिए गए बयानों में नाबालिगों ने अपने-अपने अनुभव और परिस्थितियों का जिक्र किया। कुछ मामलों में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती और फिर होटल तक पहुंचने की बात सामने आई है।
इंस्टाग्राम से दोस्ती और होटल पहुंचने का मामला
सोनपुरवा के होटल एसएनसी में पकड़ी गई एक 14 वर्षीय नौवीं कक्षा की छात्रा ने अपने बयान में बताया कि उसकी इंस्टाग्राम के जरिए एक लड़के से दोस्ती हुई थी। बाद में वह उससे मिलने के लिए घर से स्कूल जाने का बहाना बनाकर होटल पहुंची थी।
बताया गया कि कमरे की बुकिंग पहले से कराई गई थी और इसी दौरान छापेमारी में दोनों पकड़े गए।
प्रैक्टिकल परीक्षा का बहाना, होटल में मुलाकात
मेराल की रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने बयान में बताया कि वह 12वीं में पढ़ती है और वह प्रैक्टिकल परीक्षा का बहाना बनाकर गढ़वा आई थी। वहां वह अपने प्रेमी से होटल में मिली थी। दोनों के बीच पहले से संबंध होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी फिलहाल जेल में है।
सोनभद्र से गढ़वा आने का मामला
एक अन्य 17 वर्षीय नाबालिग, जो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र की रहने वाली है, ने बताया कि उसकी एक रिश्तेदार के माध्यम से एक लड़के से बातचीत शुरू हुई थी। बाद में वह उससे मिलने के लिए गढ़वा आई थी।
इस दौरान होटल में छापेमारी के समय आरोपी मौके से फरार हो गया।
कई आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। कई आरोपियों ने जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है।
जेल में बंद आरोपियों में सोरख पासवान, मनोज कुमार, अफरीदी आलम, धर्मेंद्र कुमार, विकास कुमार राम, आशुतोष कुमार शामिल हैं, जबकि कुछ होटल संचालक और अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
जांच जारी, पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और सोशल मीडिया कनेक्शन, होटल बुकिंग और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
न्यूज़ देखो: सोशल मीडिया और नाबालिग सुरक्षा पर गंभीर सवाल
गढ़वा का यह मामला सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती दोस्ती कई बार गलत दिशा में भी ले जाती है, जिससे कानूनी और सामाजिक समस्याएं पैदा होती हैं। ऐसे मामलों में परिवार, स्कूल और समाज की संयुक्त जिम्मेदारी और जागरूकता बेहद जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
आज के डिजिटल युग में बच्चों और किशोरों को सही मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है।
ऑनलाइन रिश्तों और सोशल मीडिया उपयोग में सतर्कता ही सुरक्षा की पहली शर्त है।
जागरूक रहें, अपने बच्चों से संवाद बनाए रखें और समाज में सुरक्षित वातावरण बनाने में योगदान दें। अपनी राय कमेंट करें और खबर साझा करें।

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