#सिमडेगा #सामाजिक_जागरूकता : अंबेडकर चौक पर पहल—छात्रों ने नाटक और संवाद से दिया समानता का संदेश।
सिमडेगा में सेंट जेवियर्स कॉलेज के छात्रों ने सामाजिक असमानता पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। अंबेडकर चौक के पास लोगों के बीच नाटक और संवाद के माध्यम से संदेश दिया गया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में कार्यक्रम हुआ। इससे समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
- सेंट जेवियर्स कॉलेज के छात्रों ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
- अंबेडकर चौक पर नाटक और संवाद के माध्यम से संदेश।
- सामाजिक असमानता, जाति और लैंगिक भेदभाव पर चर्चा।
- प्रो. ईशान तिरु और टीम का मार्गदर्शन।
- स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी।
सिमडेगा जिले में सेंट जेवियर्स कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा सामाजिक असमानता के मुद्दे पर एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शहर के अंबेडकर चौक के पास आयोजित किया गया, जहां छात्रों ने सीधे आम लोगों के बीच जाकर अपने विचार प्रस्तुत किए और समाज में व्याप्त असमानताओं के खिलाफ आवाज उठाई।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और भाईचारे का संदेश देना था।
सड़क पर उतरकर दिया संदेश
छात्रों ने पारंपरिक कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर खुले स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया।
एक छात्र ने कहा: “हम चाहते हैं कि हमारा संदेश सीधे लोगों तक पहुंचे।”
उन्होंने नाटक शैली, संवाद और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
सामाजिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने—
- सामाजिक असमानता
- जाति भेद
- आर्थिक विषमता
- शैक्षणिक असमानता
- लैंगिक भेदभाव
जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।
एक छात्रा ने कहा: “समाज में समानता लाने के लिए जागरूकता जरूरी है।”
शिक्षकों का मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. ईशान तिरु, प्रो. अजय कुमार, डॉ. निशा रानी धनवार, प्रो. रौशन गिद्ध ने किया।
प्रो. ईशान तिरु ने कहा: “युवाओं को सामाजिक मुद्दों पर जागरूक होना चाहिए और बदलाव के लिए आगे आना चाहिए।”
अंबेडकर के विचारों का स्मरण
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को याद किया और उनके सिद्धांतों को अपनाने की अपील की।
एक छात्र ने कहा: “समानता और न्याय ही समाज की असली पहचान है।”
स्थानीय लोगों की भागीदारी
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए और छात्रों के प्रयास की सराहना की।
एक नागरिक ने कहा: “ऐसे कार्यक्रम समाज को जागरूक करने में मदद करते हैं।”
सकारात्मक पहल
इस आयोजन ने यह साबित किया कि युवा पीढ़ी सामाजिक बदलाव के लिए आगे आ रही है।
समाज में जागरूकता का प्रयास
कार्यक्रम के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।
न्यूज़ देखो: बदलाव की शुरुआत युवाओं से
सिमडेगा का यह कार्यक्रम दिखाता है कि जब युवा समाज के मुद्दों पर सक्रिय होते हैं, तो बदलाव की दिशा तय होती है। यह पहल सराहनीय है, लेकिन इसे निरंतर बनाए रखना जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, समाज बदलें
समानता और न्याय को अपनाएं।
भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं।
युवाओं की भागीदारी जरूरी है।
आइए, हम मिलकर बेहतर समाज बनाएं।
इस खबर को शेयर करें और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा दें।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).