#बानो #स्वास्थ्य_सहायता : विधायक के निर्देश पर स्वास्थ्य टीम ने विकलांग वृद्धा का उपचार किया।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित कनारावां पंचायत के पहाड़टोली गांव में छह वर्षों से गंभीर बीमारी और विकलांगता से जूझ रही वृद्धा विश्वासी सिंदुरिया के घर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया के निर्देश पर टीम ने प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज और सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया। आर्थिक तंगी के कारण लंबे समय से इलाज से वंचित परिवार को अब स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
- तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहाड़टोली पहुंची।
- 53 वर्षीय विश्वासी सिंदुरिया पिछले छह वर्षों से गंभीर बीमारी के कारण बिस्तर पर हैं।
- स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव तक पहुंचने के लिए लगभग एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
- डॉ. मनोरंजन कुमार ने प्राथमिक उपचार के साथ दवाइयां उपलब्ध कराईं।
- वृद्धा का विकलांगता प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड बनवाने की पहल शुरू।
- जरूरत पड़ने पर मरीज को रिम्स भेजने की भी तैयारी की गई।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत कनारावां पंचायत के पहाड़टोली गांव में मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी एक पहल देखने को मिली, जहां छह वर्षों से खाट पर पड़ी विकलांग वृद्धा विश्वासी सिंदुरिया के घर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। लंबे समय से बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को अब सरकारी सहायता और समुचित इलाज की उम्मीद मिली है। यह पहल तब शुरू हुई जब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मामले की जानकारी तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया तक पहुंचाई। विधायक के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गांव पहुंचकर वृद्धा की जांच और प्राथमिक उपचार किया।
छह वर्षों से बीमारी से जूझ रही हैं विश्वासी सिंदुरिया
कनारावां पंचायत के पहाड़टोली गांव निवासी लगभग 53 वर्षीय विश्वासी सिंदुरिया पिछले छह वर्षों से गंभीर बीमारी और विकलांगता के कारण बिस्तर पर हैं। परिजनों के अनुसार वर्ष 2020 में टाटी बाजार से लौटने के दौरान सड़क पर गिरकर घायल होने के बाद उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। धीरे-धीरे उनके हाथ-पैर ने काम करना बंद कर दिया और आज वह पूरी तरह चलने-फिरने में असमर्थ हो चुकी हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज नहीं मिल पाया। कई अस्पतालों के चक्कर लगाने और घरेलू उपचार के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। परिजनों ने बताया कि अब तक उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया था।
विधायक प्रतिनिधियों ने पहुंचाई जानकारी
ग्रामीणों और परिजनों की समस्या को देखते हुए विधायक प्रतिनिधि तनवीर हुसैन और जगदीश बागे ने मामले की जानकारी तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया तक पहुंचाई। जानकारी मिलते ही विधायक ने बानो के प्रभारी स्वास्थ्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार को तत्काल समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
विधायक के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तेजी दिखाते हुए टीम गठित की और पहाड़टोली गांव पहुंचकर मरीज की स्थिति का जायजा लिया।
जंगल-पहाड़ के बीच पैदल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
पहाड़टोली गांव दुर्गम क्षेत्र में स्थित होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर वृद्धा के घर तक पहुंचना पड़ा। यह दृश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और अधिकारियों की तत्परता दोनों को दर्शाता है।
टीम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार, विधायक प्रतिनिधि तनवीर हुसैन, जगदीश बागे, कनारावां मुखिया मिंसी लीना तिर्की, विकास मघैया, ड्रेसर प्रेमिका कुमारी, अक्षय कुमार सहित पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल थे।
स्वास्थ्य जांच कर उपलब्ध कराई गई दवाइयां
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वृद्धा की स्वास्थ्य जांच कर प्राथमिक उपचार किया। साथ ही उन्हें कैल्शियम, विटामिन, आयरन, गैस और दर्द से संबंधित आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति का आकलन करते हुए आगे के इलाज की रूपरेखा भी तैयार की।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोरंजन कुमार ने कहा: “स्वास्थ्य विभाग की ओर से वृद्धा का समुचित इलाज कराया जाएगा। विकलांगता प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड और अन्य सरकारी सुविधाएं दिलाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि जल्द ही सरकारी एंबुलेंस के माध्यम से मरीज को इलाज के लिए सदर अस्पताल सिमडेगा ले जाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन समद से समन्वय कर बेहतर इलाज के लिए रिम्स भेजने की व्यवस्था भी की जाएगी।
ट्राईसाइकिल और सरकारी सहायता दिलाने की पहल
स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ इलाज तक ही पहल सीमित नहीं रखी, बल्कि वृद्धा को अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। डॉ. मनोरंजन कुमार ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी से समन्वय कर वृद्धा को ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड बनवाकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने और विकलांगता प्रमाण पत्र तैयार कर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई।
ग्रामीणों ने जताई खुशी
लंबे समय बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक टीम को गांव पहुंचता देख ग्रामीणों में खुशी देखी गई। ग्रामीणों का कहना था कि वर्षों से इस परिवार की समस्या सामने होने के बावजूद किसी स्तर पर गंभीर पहल नहीं हुई थी, लेकिन अब पहली बार इलाज और सरकारी मदद की उम्मीद जगी है।
मौके पर कनारावां मुखिया मिंसी लीना तिर्की, उप मुखिया अमित डांग, विकास मघैया, प्रेमिका कुमारी, अक्षय कुमार, प्रेमी सिंदुरिया, जोरंग सिंदुरिया, झामुमो पंचायत अध्यक्ष मनसुख सिंदुरिया समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
न्यूज़ देखो: दूरदराज गांवों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना सबसे बड़ी जरूरत
यह मामला ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को सामने लाता है। वर्षों से एक विकलांग महिला का इलाज और सरकारी सहायता से वंचित रहना व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करता है। हालांकि विधायक के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और टीम का पैदल चलकर गांव पहुंचना सराहनीय पहल मानी जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसे अन्य जरूरतमंद परिवारों तक भी इसी गंभीरता से सरकारी मदद पहुंच पाएगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदनशील समाज ही मजबूत समाज की पहचान बनता है
दूरदराज गांवों में आज भी कई परिवार बीमारी, गरीबी और संसाधनों की कमी से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे मामलों में समाज, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी हो जाती है। जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने की छोटी कोशिश भी किसी परिवार के जीवन में बड़ी राहत बन सकती है।

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