#चैनपुर #कर्मचारी_हड़ताल : ब्लॉक कर्मियों की हड़ताल से ग्रामीणों और छात्रों की बढ़ी परेशानी।
गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड कार्यालय में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गुरुवार को कामकाज पूरी तरह ठप रहा। राजस्व उप निरीक्षक के साथ मारपीट मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। साप्ताहिक बाजार के दिन बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों, महिलाओं और छात्रों को बिना काम लौटना पड़ा। पेंशन, प्रमाण पत्र और स्कॉलरशिप से जुड़े कार्य बाधित होने से लोगों में नाराजगी देखी गई।
- चैनपुर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के कर्मियों ने शुरू की हड़ताल।
- राजस्व उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिन्हा से मारपीट मामले में कार्रवाई की मांग।
- साप्ताहिक बाजार के दिन काम बंद रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानी।
- पेंशन, प्रमाण पत्र और स्कॉलरशिप से जुड़े कार्य पूरी तरह बाधित रहे।
- छात्रों को आवेदन सत्यापन और हस्ताक्षर नहीं होने से बढ़ी चिंता।
- प्रखंड सचिव मोहन साहू ने गिरफ्तारी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।
गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में गुरुवार को कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरे दिन कामकाज ठप रहा। ग्राम केड़ेंग में राजस्व उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिन्हा के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में कर्मियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
हड़ताल के कारण सबसे अधिक परेशानी उन ग्रामीणों, महिलाओं और छात्रों को उठानी पड़ी जो जरूरी कार्यों के लिए सुबह से ब्लॉक पहुंचे थे। चैनपुर में गुरुवार को साप्ताहिक बाजार होने के कारण प्रखंड कार्यालय में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ थी, लेकिन कार्यालय की सभी खिड़कियां बंद रहने से लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
प्रमाण पत्र और पेंशन कार्य पूरी तरह प्रभावित
प्रखंड कार्यालय पहुंचे लोग जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जमीन रसीद और पेंशन से जुड़े कार्यों के लिए भटकते नजर आए।
ग्रामीणों ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय बंद होने से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग दूर-दराज के गांवों से किराया खर्च कर ब्लॉक पहुंचे थे, लेकिन काम नहीं हो सका।
राजाडेरा निवासी याकूब टोप्पो ने बताया कि वे निजी कार्य से ब्लॉक आए थे और आने-जाने में उनका लगभग ₹100 खर्च हो गया, लेकिन काम नहीं हो पाया।
याकूब टोप्पो ने कहा: “अगर पहले से जानकारी मिल जाती तो बेवजह खर्च और परेशानी नहीं होती।”
वृद्धा पेंशन के लिए परेशान महिलाएं
हड़ताल का असर वृद्धा और विधवा पेंशन से जुड़े कार्यों पर भी साफ दिखाई दिया। कई महिलाएं पेंशन की समस्या लेकर ब्लॉक पहुंचीं, लेकिन कार्यालय बंद होने के कारण उन्हें कोई समाधान नहीं मिला।
लेरंबा निवासी स्वाति तिर्की वृद्धा पेंशन की राशि खाते में नहीं आने की शिकायत लेकर पहुंची थीं। वहीं मालम निवासी सुशीला ने बताया कि वे पिछले डेढ़ महीने से पेंशन के लिए चक्कर लगा रही हैं।
सुशीला ने कहा: “पोस्ट ऑफिस से भी पैसा नहीं मिला और ब्लॉक आने पर यहां ताला बंद मिला।”
महिलाओं ने कहा कि वृद्ध और जरूरतमंद लोगों के लिए इस तरह काम बंद होना बड़ी परेशानी का कारण बनता है।
स्कॉलरशिप आवेदन को लेकर छात्रों में चिंता
हड़ताल का असर स्कॉलरशिप आवेदन प्रक्रिया पर भी पड़ा। बड़ी संख्या में स्कूली छात्र पंचायत सचिव और अन्य कर्मियों की तलाश करते नजर आए।
छात्रों ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है और सत्यापन तथा हस्ताक्षर का कार्य रुक जाने से उन्हें आवेदन छूट जाने का डर सता रहा है।
कई अभिभावकों ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर किया विरोध
प्रखंड सचिव मोहन साहू ने बताया कि चैनपुर प्रखंड सहित गुमला जिले के सभी सरकारी कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया।
उन्होंने कहा कि राजस्व उप निरीक्षक के साथ हुई घटना गंभीर है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मोहन साहू ने कहा: “यदि दोषियों की गिरफ्तारी जल्द नहीं हुई तो जिले के सभी सरकारी कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।”
उन्होंने प्रशासन से कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
आम लोगों में दिखी नाराजगी
ब्लॉक कार्यालय में कामकाज बंद रहने से लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में पहले ही कामकाज धीमा रहता है और अब हड़ताल के कारण समस्याएं और बढ़ गई हैं।
लोगों ने प्रशासन से अपील की कि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान निकालते हुए आम जनता की परेशानियों को भी ध्यान में रखा जाए।
न्यूज़ देखो: सरकारी व्यवस्था ठप होने का सबसे बड़ा असर आम जनता पर
चैनपुर ब्लॉक में हड़ताल ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली बाधित होने का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ता है। एक ओर कर्मचारी सुरक्षा और न्याय की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण, महिलाएं और छात्र जरूरी सेवाओं के लिए भटकने को मजबूर हैं। प्रशासन को चाहिए कि मामले में शीघ्र कार्रवाई कर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और साथ ही आम जनता की समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता से करे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जनता की समस्याओं का समाधान सबसे बड़ी जिम्मेदारी
सरकारी सेवाएं आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं। ऐसे में किसी भी विवाद का समाधान संवाद और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से होना जरूरी है ताकि जनता परेशान न हो।
अपने अधिकारों और समस्याओं के प्रति जागरूक रहें। इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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