#कोलेबिरा #शिक्षा_अभियान : हाई स्कूल में कार्यशाला—ड्रॉपआउट बच्चों के नामांकन और ठहराव पर फोकस।
सिमडेगा के कोलेबिरा में रूआर 2026 अभियान को लेकर प्रखंड स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 5 से 18 वर्ष के बच्चों को स्कूल से जोड़ने पर जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों से सहयोग की अपील की गई। अभियान 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा।
- कोलेबिरा में रूआर 2026 अभियान पर कार्यशाला।
- रोस प्रतिमा सोरेंग ने किया उद्घाटन।
- ड्रॉपआउट बच्चों के पुनः नामांकन पर जोर।
- 15 से 30 अप्रैल तक अभियान चलेगा।
- जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों से सहयोग की अपील।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में झारखंड शिक्षा परियोजना के अंतर्गत ‘रूआर 2026 अभियान’ को सफल बनाने के उद्देश्य से एसएस +2 हाई स्कूल कोलेबिरा में प्रखंड स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में शिक्षा से जुड़े विभिन्न पदाधिकारी, शिक्षक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, पंचायत की मुखिया अंजना लकड़ा, आंगनवाड़ी महिला पर्यवेक्षिका प्रेमशिला कुमारी और बीआरसी बीपीओ नीलिमा कुजूर द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
स्वागत और सांस्कृतिक शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत, पुष्पगुच्छ भेंट और स्वागत गीत के साथ हुई।
एक शिक्षक ने कहा: “बच्चों की प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत बेहद उत्साहपूर्ण रही।”
अभियान का उद्देश्य
कार्यशाला में बताया गया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है, जो स्कूल से बाहर हैं या पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
नीलिमा कुजूर ने कहा: “हर अनामांकित और ड्रॉपआउट बच्चे को स्कूल में वापस लाना हमारा लक्ष्य है।”
ठहराव सुनिश्चित करने पर जोर
जयप्रकाश सिंह ने कहा: “केवल नामांकन ही नहीं, बल्कि बच्चों का विद्यालय में ठहराव सुनिश्चित करना भी जरूरी है।”
लालधन नायक ने कहा: “शिक्षा के माध्यम से ही समाज का समग्र विकास संभव है।”
15 से 30 अप्रैल तक चलेगा अभियान
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान 15 से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसमें विशेष नामांकन अभियान और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
जिला परिषद अध्यक्ष का संदेश
जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग ने कहा—
“कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने शिक्षकों से अपील की: “घर-घर जाकर बच्चों की पहचान करें और उनका नामांकन सुनिश्चित करें।”
मुखिया अंजना लकड़ा की अपील
पंचायत मुखिया अंजना लकड़ा ने कहा—
“सभी के सहयोग से यह अभियान सफल होगा।”
उन्होंने कहा: “सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचाना भी जरूरी है।”
संचालन और भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन वरीय शिक्षक लालधन नायक ने किया।
इस कार्यशाला में बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी, बीआरसी कर्मी और प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षा के प्रति जागरूकता
इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

न्यूज़ देखो: हर बच्चा, हर स्कूल
कोलेबिरा का यह अभियान दिखाता है कि शिक्षा को लेकर प्रशासन और समाज दोनों सक्रिय हैं। अब यह देखना होगा कि कितने बच्चों को वास्तव में स्कूल से जोड़ा जा सकेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा से ही बदलाव
हर बच्चे को शिक्षा मिलनी चाहिए।
स्कूल से जुड़ना भविष्य की नींव है।
जागरूकता और प्रयास से ही लक्ष्य हासिल होगा।
आइए, हम हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाने का संकल्प लें।
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