#सिमडेगा #हॉकी_प्रशिक्षण : अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में खिलाड़ियों संग साझा किए अनुभव।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ब्यूटी डुंगडुंग अर्जेंटीना दौरे के बाद अपने गृह जिला सिमडेगा पहुंचीं, जहां उन्होंने एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में प्रशिक्षु खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने युवा महिला खिलाड़ियों को हॉकी की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण देते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को खेल के प्रति अनुशासन, मेहनत और समर्पण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारी और प्रशिक्षक भी मौजूद रहे।
- ब्यूटी डुंगडुंग ने सिमडेगा एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में खिलाड़ियों से की मुलाकात।
- अर्जेंटीना दौरे और इंडिया कैंप के अनुभव खिलाड़ियों के साथ साझा किए।
- 70 से अधिक महिला हॉकी खिलाड़ियों को विभिन्न स्किल का प्रशिक्षण।
- ड्रैग फ्लिक, अटैकिंग, डिफेंडिंग, स्कूप और स्लैब शॉट की दी जानकारी।
- हॉकी सिमडेगा अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने ब्यूटी की संघर्ष यात्रा बताई।
- प्रशिक्षु खिलाड़ियों को मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश।
हॉकी की धरती कहे जाने वाले सिमडेगा में एक बार फिर खेल और प्रेरणा का खूबसूरत संगम देखने को मिला। जिला की अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ब्यूटी डुंगडुंग अर्जेंटीना दौरे के समापन के बाद अपने गृह जिला पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने प्रशिक्षण स्थल एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम का दौरा किया और वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला हॉकी खिलाड़ियों से मुलाकात की।
स्टेडियम पहुंचते ही खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। ब्यूटी डुंगडुंग ने युवा खिलाड़ियों के साथ मैदान में समय बिताया और खुद हॉकी स्टिक लेकर विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल अनुभव साझा करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरीं ब्यूटी डुंगडुंग
एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में करीब 70 से अधिक प्रशिक्षु महिला खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थीं। ब्यूटी डुंगडुंग ने खिलाड़ियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर उन्हें हॉकी के कई महत्वपूर्ण स्किल सिखाए।
उन्होंने खिलाड़ियों को ड्रैग फ्लिक, अटैकिंग, डिफेंडिंग, स्कूप, स्लैब शॉट समेत हॉकी की कई तकनीकों का अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए फिटनेस, अनुशासन और लगातार अभ्यास बेहद जरूरी है।
ब्यूटी डुंगडुंग ने खिलाड़ियों से कहा: “अगर आप मेहनत और लगन के साथ खेलते रहेंगे, तो एक दिन जरूर देश के लिए खेलने का मौका मिलेगा।”
खिलाड़ियों ने भी ब्यूटी के साथ मैदान में अभ्यास कर उत्साह और आत्मविश्वास महसूस किया।
अर्जेंटीना दौरे का अनुभव किया साझा
ब्यूटी डुंगडुंग ने प्रशिक्षु खिलाड़ियों के साथ अर्जेंटीना दौरे और इंडिया कैंप के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने के लिए मानसिक मजबूती और टीम वर्क बेहद महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों को बताया कि बड़े स्तर पर पहुंचने के लिए संघर्ष और धैर्य दोनों जरूरी हैं। खेल में सफलता पाने के लिए रोजाना अभ्यास और खुद पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।
खिलाड़ियों ने भी उनसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, फिटनेस और ट्रेनिंग से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया।
मनोज कोनबेगी ने बताई ब्यूटी की संघर्ष यात्रा
इस अवसर पर हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी भी मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को ब्यूटी डुंगडुंग की संघर्षपूर्ण यात्रा के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि ब्यूटी मात्र 9 वर्ष की उम्र से ही करंगागुड़ी टीम से खेलने आती थीं। बाद में उनका चयन सेंटर में हुआ। उस समय सुविधाएं भी सीमित थीं, लेकिन उन्होंने मेहनत करना नहीं छोड़ा।
मनोज कोनबेगी ने कहा: “मात्र 13 वर्ष की उम्र में मैं ब्यूटी को झारखंड टीम से नेशनल खेलने हरियाणा लेकर गया था, जहां उसने गोल भी किया था।”
उन्होंने कहा कि आज ब्यूटी डुंगडुंग नई पीढ़ी की खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
युवा खिलाड़ियों के लिए बनीं प्रेरणा
मनोज कोनबेगी ने कहा कि जब ब्यूटी और अन्य खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते थे, तब पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी असुंता लकड़ा जैसी वरिष्ठ खिलाड़ी उन्हें प्रेरित करने आती थीं। उसी तरह अब ब्यूटी डुंगडुंग नई पीढ़ी की खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।
मनोज कोनबेगी ने कहा: “जब भी तुम घर आओ, इसी तरह अपनी छोटी बहनों को प्रोत्साहित करती रहो। अब इनके लिए तुम ही आइकॉन हो।”
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ खिलाड़ियों का मार्गदर्शन मिलने से युवा खिलाड़ियों में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा पैदा होती है।
सिमडेगा की हॉकी परंपरा को मिल रही नई मजबूती
सिमडेगा लंबे समय से हॉकी प्रतिभाओं की धरती रही है। यहां की कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। ब्यूटी डुंगडुंग की मौजूदगी ने एक बार फिर यह साबित किया कि छोटे शहरों और गांवों से निकलकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक तारिणी कुमारी भी मौजूद रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास और अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी।
खिलाड़ियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के साथ अभ्यास करना उनके लिए यादगार अनुभव रहा और इससे उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली।
न्यूज़ देखो: खेल प्रतिभाओं को मार्गदर्शन देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
ब्यूटी डुंगडुंग का सिमडेगा लौटकर युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना केवल एक मुलाकात नहीं, बल्कि खेल संस्कृति को मजबूत करने की बड़ी पहल है। जब सफल खिलाड़ी अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं, तो नई पीढ़ी को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की ताकत मिलती है। सिमडेगा की हॉकी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे प्रेरणादायक प्रयास बेहद जरूरी हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मेहनत, अनुशासन और प्रेरणा से बनती है सफलता की पहचान
हर बड़ा खिलाड़ी कभी एक छोटा प्रशिक्षु ही होता है।
सपनों को सच करने के लिए निरंतर मेहनत और धैर्य जरूरी है।
वरिष्ठ खिलाड़ियों का अनुभव नई पीढ़ी को नई दिशा देता है।
खेल केवल जीत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन भी सिखाता है।
अगर आपके आसपास भी कोई प्रतिभा मेहनत कर रही है, तो उसका हौसला जरूर बढ़ाएं। खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की इस प्रेरणादायक पहल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।

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