#गढ़वा #आपन_सरस्वतिया : मेराल में नदी पुनर्जीवन को लेकर प्रशासन और समाजसेवियों ने बनाई रूपरेखा।
गढ़वा में चल रहे ‘आपन सरस्वतिया अभियान’ का विस्तार अब मेराल क्षेत्र तक किया जाएगा। बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के साथ सरस्वतिया नदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नदी के गहरीकरण, अतिक्रमण हटाने और सफाई अभियान को लेकर सामूहिक रूप से रणनीति तैयार की गई।
- एसडीएम संजय कुमार ने मेराल क्षेत्र में सरस्वतिया नदी का निरीक्षण किया।
- ‘आपन सरस्वतिया अभियान’ को अब मेराल क्षेत्र तक विस्तारित किया जाएगा।
- नदी में अतिक्रमण और गाद जमाव की स्थिति का लिया गया जायजा।
- स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों के साथ हुई विस्तृत चर्चा।
- 29 मई को मेराल के प्रबुद्ध लोगों के साथ विशेष बैठक आयोजित होगी।
- नदी संरक्षण और स्वच्छता अभियान में जनभागीदारी पर दिया गया जोर।
गढ़वा शहर में पिछले तीन दिनों से चल रहे ‘आपन सरस्वतिया अभियान’ को अब मेराल क्षेत्र तक विस्तारित करने की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने मेराल क्षेत्र में सरस्वतिया नदी के तटीय इलाकों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर नदी संरक्षण को लेकर चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान नदी की वर्तमान स्थिति, अतिक्रमण, गाद जमाव और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मेराल में भी चलेगा नदी पुनरुद्धार अभियान
एसडीएम संजय कुमार ने स्थानीय लोगों के साथ विमर्श करते हुए कहा कि गढ़वा शहर की तरह मेराल क्षेत्र में भी ‘आपन सरस्वतिया अभियान’ चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत नदी का गहरीकरण, अतिक्रमण हटाना और सफाई कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा: “सरस्वतिया नदी गढ़वा की पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है। इसके संरक्षण और पुनर्जीवन में आम लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।”
उन्होंने स्थानीय लोगों से नदी को अतिक्रमण मुक्त रखने और स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
नदी की वर्तमान स्थिति पर हुई चर्चा
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नदी में गाद जमाव और अतिक्रमण की स्थिति देखी गई। स्थानीय समाजसेवियों ने भी प्रशासन के समक्ष नदी की समस्याओं और समाधान को लेकर अपने सुझाव रखे।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते नदी संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में जल संकट और पर्यावरणीय समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
29 मई को होगी विशेष बैठक
निरीक्षण और चर्चा के बाद सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया गया कि 29 मई को मेराल क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों और सामाजिक संगठनों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी और जनसहयोग से अभियान की शुरुआत की जाएगी।
अभियान में जनभागीदारी पर जोर
एसडीएम ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक अभियान नहीं बल्कि सामाजिक जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को नदी संरक्षण के लिए आगे आना होगा।
उन्होंने स्थानीय युवाओं और सामाजिक संस्थाओं से श्रमदान और जनजागरूकता अभियान में भाग लेने की अपील की।
कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान सांसद प्रतिनिधि विजय प्रसाद गुप्ता, बीस सूत्रीय प्रखंड अध्यक्ष शंभू प्रसाद साव, विधायक प्रतिनिधि डॉ. लालमोहन, समाजसेवी अतहर अली अंसारी, मेराल पूर्वी के मुखिया रामसागर महतो, मेराल पश्चिमी मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना राम, विवेकानंद चौबे, यासीन अंसारी, कृष्ण प्रसाद कुशवाहा सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

न्यूज़ देखो: नदी संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की सकारात्मक पहल
‘आपन सरस्वतिया अभियान’ यह साबित करता है कि प्रशासन और समाज मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। नदी केवल जलस्रोत नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और भविष्य की जरूरत भी है। मेराल क्षेत्र में इस अभियान का विस्तार स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगा रहा है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपनी नदी बचाइए, आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित बनाइए
नदियां केवल पानी नहीं बल्कि जीवन, संस्कृति और पर्यावरण की धरोहर हैं।
यदि आज हम अपनी नदियों को नहीं बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट झेलना पड़ेगा।
आइए, स्वच्छ और सुरक्षित नदी के लिए जनभागीदारी का हिस्सा बनें।
खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को आगे बढ़ाएं।

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