“आपन सरस्वतिया” अभियान का तीसरा दिन भी सफल, नदी सफाई और डी-सिल्टिंग कार्य में बढ़ा जनसहयोग

“आपन सरस्वतिया” अभियान का तीसरा दिन भी सफल, नदी सफाई और डी-सिल्टिंग कार्य में बढ़ा जनसहयोग

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #सरस्वतिया_अभियान : तीसरे दिन भी जनसहयोग से नदी सफाई अभियान लगातार जारी रहा।

गढ़वा में एसडीएम संजय कुमार की पहल पर चल रहे “आपन सरस्वतिया” अभियान के तीसरे दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई और डी-सिल्टिंग कार्य जारी रहा। मझिआंव मोड़ जोड़ा-पुल क्षेत्र में मशीनों और श्रमिकों की मदद से नदी से गाद और कचरा हटाया गया। अभियान में प्रशासन के साथ स्थानीय समाजसेवियों और व्यवसायियों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

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  • मझिआंव मोड़ जोड़ा-पुल क्षेत्र में दिनभर चला सफाई एवं डी-सिल्टिंग कार्य।
  • अभियान के तीसरे दिन भी मशीनों और श्रमिकों की मदद से हटाया गया कचरा और गाद।
  • एमजी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने उपलब्ध कराई पोकलेन मशीन।
  • नगर परिषद की ओर से जेसीबी और समाजसेवी चंदन जायसवाल ने ईंधन उपलब्ध कराया।
  • एसडीएम संजय कुमार ने अभियान को जनभागीदारी आधारित सामाजिक आंदोलन बताया।
  • गुरुवार सुबह जानकी बाग क्षेत्र में सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित होगा।

गढ़वा शहर में सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा “आपन सरस्वतिया” अभियान लगातार गति पकड़ता जा रहा है। बुधवार को अभियान के तीसरे दिन भी नदी की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य विभिन्न हिस्सों में जारी रहा। प्रशासन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से नदी के किनारे जमा गाद, प्लास्टिक और अन्य कचरों को हटाने का कार्य किया गया।

मझिआंव मोड़ जोड़ा-पुल क्षेत्र के आसपास पूरे दिन मशीनों और श्रमिकों की सहायता से नदी की सफाई की गई। अभियान में बढ़ती जनभागीदारी ने इसे एक सामाजिक आंदोलन का रूप देना शुरू कर दिया है।

मशीनों और जनसहयोग से जारी रहा अभियान

अभियान के तीसरे दिन एमजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के अजय कुमार द्वारा एक पोकलेन मशीन उपलब्ध कराई गई, जबकि नगर परिषद की ओर से एक जेसीबी मशीन दी गई। इसके अलावा स्थानीय समाजसेवी चंदन जायसवाल ने अभियान के लिए ईंधन उपलब्ध कराकर सहयोग किया।

नदी में जमी गाद को हटाने के साथ-साथ किनारों पर फैले कचरे को भी साफ किया गया। कुछ श्रमिकों ने मैनुअल तरीके से भी सफाई कार्य किया।

जनभागीदारी को बताया अभियान की सबसे बड़ी ताकत

एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अब केवल प्रशासनिक पहल नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित सामाजिक आंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

एसडीएम संजय कुमार ने कहा: “लगातार बढ़ रहा जनसहयोग यह दर्शाता है कि शहरवासी अपनी नदी को बचाने के लिए गंभीर हैं।”

उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ नदी की सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों के भीतर नदी संरक्षण के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करना भी है।

समाजसेवियों और युवाओं से आगे आने की अपील

एसडीएम ने शहर के व्यवसायियों, समाजसेवी संगठनों, युवाओं और सक्षम नागरिकों से अभियान में आगे आकर सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि जो लोग मशीन, डीजल अथवा अन्य संसाधनों के माध्यम से सहयोग करना चाहते हैं, वे स्वेच्छा से अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय युवाओं और सामाजिक संस्थाओं से नदी किनारे फैले प्लास्टिक और अन्य कचरों को हटाने के लिए श्रमदान करने की भी अपील की।

जानकी बाग क्षेत्र में होगा सामूहिक श्रमदान

एसडीएम संजय कुमार ने जानकारी दी कि गुरुवार को जानकी बाग क्षेत्र में सुबह 6 बजे से सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर नदी संरक्षण अभियान को सफल बनाने की अपील की।

नदी संरक्षण को लेकर बढ़ रही जागरूकता

लगातार तीन दिनों से चल रहे इस अभियान ने गढ़वा शहर में पर्यावरण संरक्षण और नदी बचाने को लेकर नई जागरूकता पैदा की है। शहर के कई लोग अब इसे केवल प्रशासनिक पहल नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में देख रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित सरस्वतिया नदी की सफाई के लिए इस तरह का व्यापक अभियान पहली बार देखने को मिल रहा है।

न्यूज़ देखो: नदी बचाने की दिशा में गढ़वा बना मिसाल

सरस्वतिया नदी सफाई अभियान यह साबित कर रहा है कि प्रशासन और जनता मिलकर किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं। लगातार बढ़ती जनभागीदारी यह संकेत है कि लोग अब पर्यावरण संरक्षण के प्रति पहले से अधिक जागरूक हो रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि यह अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे स्थायी जनआंदोलन का रूप दिया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपनी नदी बचाना सिर्फ प्रशासन नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है

नदियां सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, हमारी संस्कृति और जीवन की पहचान होती हैं।
अगर हम आज अपनी नदियों को नहीं बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।
आइए, सफाई और संरक्षण की इस मुहिम का हिस्सा बनें।
अपनी राय कमेंट में दें, खबर साझा करें और पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी निभाएं।

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Written by

गढ़वा

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