#खलारी #अवैधखनन : करकटा जंगल में छापेमारी—प्रशासन और सीसीएल की संयुक्त कार्रवाई।
रांची जिले के मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। धमधमिया और करकटा जंगल में संचालित अवैध गढ़हा खदानों पर संयुक्त छापेमारी कर उन्हें ध्वस्त किया गया। सीसीएल और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर 8-9 गढ़हा बंद कराए। इस कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है और आगे कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
- मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र के धमधमिया-करकटा जंगल में छापेमारी।
- प्रशासन व सीसीएल की संयुक्त टीम ने चलाया अभियान।
- करीब 8-9 अवैध गढ़हा खदान चिन्हित कर बंद कराए गए।
- जेसीबी मशीन से डोजरिंग कर पूरी तरह ध्वस्त किया गया।
- अवैध खनन में शामिल लोगों में अफरा-तफरी का माहौल।
- पुलिस ने कहा—दोषियों की पहचान कर होगी कानूनी कार्रवाई।
रांची जिले के खलारी अनुमंडल अंतर्गत मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर धमधमिया और करकटा जंगल क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन पर संयुक्त टीम ने छापेमारी कर कई गढ़हा खदानों को बंद कराया। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
संयुक्त टीम ने चलाया सघन अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवैध रूप से जंगल क्षेत्र में गढ़हा खोदकर कोयले की निकासी की जा रही थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन और सीसीएल की संयुक्त टीम का गठन किया गया। अभियान का नेतृत्व सीसीएल परियोजना पदाधिकारी रोहिणी, दीपक कुमार एवं सीसीएल सुरक्षा पदाधिकारी ने किया।
संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी करते हुए सघन जांच अभियान चलाया।
8-9 अवैध खदानों को किया गया ध्वस्त
छापेमारी के दौरान टीम ने करकटा जंगल में संचालित करीब 8 से 9 अवैध गढ़हा खदानों की पहचान की। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से डोजरिंग कर इन खदानों को पूरी तरह बंद कर दिया गया।
यह कार्रवाई अवैध खनन पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोका जा सके।
अवैध खनन में शामिल लोगों में मची अफरा-तफरी
अचानक हुई इस कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कई लोग मौके से फरार हो गए। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी धन्नजय बैठा ने बताया:
धन्नजय बैठा ने कहा: “अवैध उत्खनन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और सीसीएल से प्राप्त आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
पर्यावरण और राजस्व को हो रहा था नुकसान
अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सरकार के राजस्व को भी भारी क्षति होती है। जंगल क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं।
प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल अवैध खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे अन्य अवैध कारोबारियों को भी कड़ा संदेश गया है।

न्यूज़ देखो: अवैध खनन पर सख्ती जरूरी
मैकलुस्कीगंज में हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि प्रशासन अब अवैध खनन के खिलाफ गंभीर है। हालांकि सवाल यह भी है कि ऐसी गतिविधियां लंबे समय से कैसे चल रही थीं। नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करें
जंगल और खनिज हमारी साझा धरोहर हैं, इनकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
अवैध गतिविधियों को नजरअंदाज करना भी एक तरह से अपराध को बढ़ावा देना है।
यदि कहीं भी अवैध खनन दिखे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
सुरक्षित पर्यावरण ही आने वाली पीढ़ियों की सबसे बड़ी पूंजी है।
अपनी राय कमेंट में जरूर दें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।
जागरूकता फैलाएं और जिम्मेदार नागरिक बनें।
