तीन तलाक मामले में कड़ी कार्रवाई, पुसो थाना पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर भेजा जेल

तीन तलाक मामले में कड़ी कार्रवाई, पुसो थाना पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर भेजा जेल

author Udaychand Kumar
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#सिसई #तीन_तलाक : पत्नी को छोड़ दूसरी शादी करने वाले आरोपी पर पुलिस की कार्रवाई हुई।

गुमला जिले के पुसो थाना क्षेत्र में पत्नी को तीन तलाक देने और परिवार से अलग रहने के मामले में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़िता ने फरवरी माह में थाना में आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने पकड़ लिया।

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  • पुसो थाना पुलिस ने आरोपी अफरोज अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
  • आरोपी पर पत्नी को तीन तलाक देने और खर्च बंद करने का आरोप।
  • पीड़िता नरगिस खातून ने फरवरी में थाना में दिया था आवेदन।
  • सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर समझौते की कोशिश भी हुई थी।
  • कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई।

गुमला जिले के सिसई अनुमंडल अंतर्गत पुसो थाना पुलिस ने पत्नी को तीन तलाक देने के मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला लंबे समय से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था। पुलिस के अनुसार आरोपी कई दिनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रहा था। कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया।

जानकारी के अनुसार आरोपी 32 वर्षीय अफरोज अंसारी, पिता नईम अंसारी, निवासी नवाटांड़ थाना मांडर जिला रांची की शादी वर्ष 2014 में पुसो थाना क्षेत्र के सुरसा गांव निवासी नरगिस खातून, पिता मोहम्मद छेदी अंसारी के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद दोनों का परिवार सामान्य रूप से चल रहा था और इस दौरान उनके तीन बच्चे भी हुए।

दूसरी महिला से संबंध के बाद बिगड़ा पारिवारिक विवाद

परिवारिक जीवन के बीच अफरोज अंसारी का कथित रूप से दूसरी महिला से प्रेम संबंध स्थापित हो गया। बताया गया कि वह अक्सर घर से बाहर रहने लगा और कई बार देर से घर लौटता था। पत्नी द्वारा पूछे जाने पर वह काम में व्यस्त होने का बहाना बनाता था।

कुछ समय बाद नरगिस खातून को जानकारी मिली कि उसके पति ने दूसरी महिला के साथ शादी कर ली है और अलग रहने लगा है। जब पत्नी ने इस बारे में सवाल किया तो आरोपी ने उसे अचानक तीन तलाक दे दिया। इसके बाद उसने पहली पत्नी और बच्चों से दूरी बना ली तथा घर खर्च देना भी बंद कर दिया।

पीड़िता के अनुसार पति के इस व्यवहार से उसका और बच्चों का जीवन संकट में पड़ गया। परिवार को आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

समाज और परिवार ने कराया समझौते का प्रयास

मामले को सुलझाने के लिए सामाजिक, पारिवारिक और कानूनी स्तर पर कई बार प्रयास किए गए। जानकारी के अनुसार झालसा और समाज के लोगों की पहल पर दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश हुई।

समझौते के तहत यह तय किया गया था कि आरोपी सप्ताह में पांच दिन पहली पत्नी नरगिस खातून के साथ रहेगा और दो दिन दूसरी पत्नी के साथ समय बिताएगा। लेकिन आरोप है कि युवक ने इस समझौते का भी पालन नहीं किया।

बताया गया कि आरोपी ने समाज, परिवार और कानूनी व्यवस्था की बातों को नजरअंदाज करते हुए पहली पत्नी के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया।

पीड़िता नरगिस खातून ने आरोप लगाया: “पति ने तीन तलाक देकर बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी से खुद को अलग कर लिया।”

फरवरी में दर्ज कराया गया था मामला

लगातार परेशानियों के बाद नरगिस खातून ने फरवरी महीने में पुसो थाना में आवेदन देकर पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत से आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। हालांकि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग जगहों पर छिपता फिर रहा था।

अंततः पुसो थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया।

महिलाओं के अधिकार और कानून पर फिर चर्चा

इस घटना के बाद एक बार फिर महिलाओं के अधिकार, वैवाहिक जिम्मेदारी और तीन तलाक कानून को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सामाजिक जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में कानूनी जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारिक विवादों को बातचीत और जिम्मेदारी से सुलझाने का प्रयास होना चाहिए, लेकिन यदि किसी महिला के अधिकारों का उल्लंघन होता है तो कानून का सख्ती से पालन जरूरी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई से महिलाओं में न्याय के प्रति भरोसा मजबूत होगा और ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को आगे आने का साहस मिलेगा।

न्यूज़ देखो: कानून से ऊपर कोई नहीं, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा जरूरी

यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। सामाजिक समझौते और परिवारिक प्रयास तब तक सफल नहीं हो सकते जब तक दोनों पक्ष जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार न हों। पुलिस की कार्रवाई यह संदेश देती है कि कानून की अनदेखी और महिला अधिकारों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा। समाज को भी ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं के साथ खड़ा होने की जरूरत है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

#न्यायऔरसम्मान : महिलाओं की सुरक्षा और अधिकार समाज की असली ताकत हैं।

एक जागरूक समाज वही है जहां महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिले। परिवार तभी मजबूत बनता है जब जिम्मेदारी और विश्वास दोनों साथ हों।

जरूरत है कि समाज में कानूनी जागरूकता बढ़े और महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें। किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना कमजोरी नहीं बल्कि साहस की पहचान है।

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Written by

सिसई, गुमला

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