#सिमडेगासमाचार #वटसावित्री_पूजा : केरसई मुख्यालय में सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा से किया व्रत और पूजा।
सिमडेगा जिले के केरसई मुख्यालय में शनिवार को सुहागिन महिलाओं द्वारा वट सावित्री पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में महिलाएं वट वृक्ष के नीचे एकत्र होकर अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती नजर आईं। पंडित अजय कुमार झा ने वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई और व्रत के धार्मिक महत्व को विस्तार से बताया।
- केरसई मुख्यालय में सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री पर्व श्रद्धा से मनाया।
- पंडित अजय कुमार झा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई।
- महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर पति की दीर्घायु की कामना की।
- पारंपरिक परिधान और पूजा सामग्री के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
- सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण कर धार्मिक आस्था व्यक्त की गई।
- पूरे क्षेत्र में भक्तिमय और पारंपरिक वातावरण देखने को मिला।
केरसई मुख्यालय में शनिवार को वट सावित्री पर्व के अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक और पारंपरिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुहागिन महिलाओं ने सुबह से ही व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा की और अपने पति की लंबी उम्र तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
वट वृक्ष के नीचे एकत्र हुईं महिलाएं
बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर वट वृक्ष के नीचे एकत्र हुईं। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और वृक्ष के चारों ओर धागा बांधकर अपने वैवाहिक जीवन की मंगल कामना की।
पूजा स्थल पर पूरे समय भक्तिमय वातावरण बना रहा और महिलाओं ने सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
पंडित अजय कुमार झा ने कराया विधि-विधान से पूजन
पूजा कार्यक्रम में पंडित अजय कुमार झा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया।
उन्होंने महिलाओं को वट सावित्री व्रत के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है।
धार्मिक कथा का हुआ श्रवण
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक सावित्री और सत्यवान की कथा सुनी, जिससे धार्मिक आस्था और भी मजबूत हुई।
कथा श्रवण के बाद महिलाओं ने पूजा-अर्चना को पूर्ण करते हुए एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं दीं।
पूरे केरसई क्षेत्र में इस पर्व को लेकर उत्साह और भक्ति का वातावरण दिनभर बना रहा।
न्यूज़ देखो: आस्था और संस्कृति से मजबूत होता सामाजिक ताना-बाना
वट सावित्री पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है।
केरसई में महिलाओं की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी परंपराएं मजबूत हैं।
ऐसे आयोजन समाज में एकता, आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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